यह कहानी एक कठिन और दुखदाई जीवन का वर्णन करती है। विक्रम ठाकुर ने एक व्यक्ति को हवेली बुलाया, लेकिन वह व्यक्ति कभी वापस नहीं आया। जीविका, कहानी की मुख्य पात्र, तब केवल एक साल की थी। उसकी माँ ने अपने पति की राह देखती-देखती सो गई और जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो ठाकुर वहां खड़ा था। ठाकुर ने बताया कि जीविका का पिता लौटकर नहीं आएगा। ठाकुर की क्रूरता के चलते, जीविका की माँ की इज्जत लूट ली गई। इसके बाद, ठाकुर बार-बार आकर उसे प्रताड़ित करता रहा। जीविका की माँ ने अपनी बेटी के लिए जीने की कोशिश की, लेकिन वह एक जीवित लाश बनकर जीती रही। जीविका बड़ी हो गई और उसकी माँ ने उसके लिए एक लड़के से शादी कर दी। लेकिन शादी के चार महीने बाद ही पति की मृत्यु हो गई, और ससुराल वालों ने जीविका को घर से निकाल दिया। हालांकि, जीविका की माँ ने उसका साथ नहीं छोड़ा और उसे वापस ले आई। लेकिन ठाकुर की नजर फिर से जीविका पर पड़ी। एक रात, जब जीविका सो रही थी, ठाकुर घर आया और उसकी माँ ने ठाकुर से निवेदन किया कि उसकी बेटी को छोड़ दे। कहानी में एक गंभीर सामाजिक समस्या और महिलाओं के प्रति अत्याचार का चित्रण किया गया है। बेवजह... भाग ६ Harshad Molishree द्वारा हिंदी महिला विशेष 12.4k 4k Downloads 10.9k Views Writen by Harshad Molishree Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अब तक... विक्रम ठाकुर ने तन्ने हवेली पर बुलाया है, आज जो कुछ भी हवा उसके लिए ठाकुर साहब ने शमा मांगी है और तुझे नौकरी पर भी वापस बुलाया है ... माँ, बापू को हवेली नही भेजना चाहती थी, लेकिन बापू फिर भी हवेली पर गए... और फिर लौट कर कभी वापस नही आये ... तब मे सिर्फ एक साल की थी, माँ ने मुझे दूध पिलाकर सुला दिया, और बापू की राह तकते तकते खुद भी सो गई, तभी दरवाजे पर हुई दस्तक से माँ उठ गई ... दस्तक सुनते ही माँ ने जल्दी से दरवाजा खोला, मगर दरवाजा खोलते ही माँ चौक गयी .... दरवाजे पर Novels बेवजह... बेवजह....भाग १....राजस्थान की जलाने देने वाली गर्मी मैं... एक लड़का जो महज १४ - १५ साल का होगा, सुनसान रास्ते पर लडखडाते हुए चल रहा है, पिघलादेने वाली... More Likes This पिंजरे की उड़ान द्वारा deepanshi garg कुंवारी कन्या - 1 द्वारा nirala ji मंदिर में तुम - 3 द्वारा Sonam Brijwasi टूटता हुआ मन - भाग 2 द्वारा prem chand hembram कर्मजली कोख... - 1 द्वारा kalpita राहें - 1 द्वारा shiromani mathur पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 11 द्वारा Sonam Brijwasi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी