उजड़ता आशियाना - अनकही दास्तान - 5 Mr Un Logical द्वारा पत्रिका में हिंदी पीडीएफ

उजड़ता आशियाना - अनकही दास्तान - 5

Mr Un Logical द्वारा हिंदी पत्रिका

वह एक थकी हुई सी शाम थी,हर तरफ खामोशी फैली हुई थी।लग रहा था जैसे कोई तूफान गुजरा था।जिसके द्वारा किये गये बर्बादी पर मातम मनाया जा रहा हो।कई सालों से मैं लगभग रोज इन रास्तों से शाम को ...और पढ़े