इस कहानी में आतंकवाद के बढ़ते खतरे का वर्णन किया गया है, जो अब हर जगह फैल चुका है और लोगों को असुरक्षित बना रहा है। लेखक अप्पी के माध्यम से बताता है कि पहले स्कूलों में बच्चों के टिफिन भूल जाने पर उन्हें आसानी से वापस दिलवाया जा सकता था, लेकिन अब सुरक्षा कारणों से ऐसा संभव नहीं है। इस स्थिति ने बच्चों के जीवन को प्रभावित किया है, जहां उन्हें भूखे रहना पड़ता है। अप्पी अपने समय की याद करती है और सोचती है कि क्या कभी धरती आतंकवाद से मुक्त रही है। वह इतिहास के महान योद्धाओं और युद्धों की चर्चा करती है, यह बताते हुए कि हर युद्ध का खामियाजा सबसे अधिक महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ता है। कहानी में यह संदेश है कि चाहे आतंकवादी संगठन हो या सरकारी तंत्र, युद्ध और आतंकवाद हमेशा निर्दोष लोगों को प्रभावित करते हैं। तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा - 21 Sapna Singh द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 14k 3.4k Downloads 10k Views Writen by Sapna Singh Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ये यही समय है... पूरे विश्व में आंतकवाद नामक फैले जहर का समय... दुनियंाँ का कोई कोना न तो इससे बचा है न कोई कौम। हर एक अपनी कौम का वर्चस्व चाहता है... उसे पीड़ित बताता है और प्रतिशोध से भरा हथियार लेकर खड़ा है। कब किस ओर धमाके हो जायें.... पता नहीं। पहले एक निश्चित... वार-जोन होता था..... बैटिल ग्राउंट। आम आदमी उधर का रूख नहीं करता था। उसे उधर नहीं जाना ... उधर युद्ध लड़ा जा रहा है। पर अब है क्या ऐसा ...? सारी दुनियां हो गयी है बैटिल ग्राउंट ....। कोई कहीं भी सुरक्षित नहीं ...खेल का मैदान हो... पिक्चर हाॅल हो... बच्चों का स्कूल हो या बाजार! माॅल हो या रेलवे स्टेशन .... हवाई जहाज हो या रेलगाड़ी. .... होटल हो या संसद भवन कुछ भी नहीं छूटा ... सब इस युद्ध की जद में है...। Novels तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा वह तेज-तेज चलने की कोशिश में हैं, पर अब उन्हें महसूस होने लगा है कि, इस तरह तेज चलना उनके लिए संभव नहीं रहा! पिछले कुछ समय से ऐसा होने लगा है कि तेज च... More Likes This कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी