यह कहानी एक पिता द्वारा अपने बेटे को लिखी गई चिट्ठी के रूप में है। पिता अपने दादा जी के बारे में अपने अनुभव साझा करता है, जिन्हें उन्होंने कभी नहीं देखा। वह अपने बचपन की अधूरी भावनाओं और दादा जी की धुंधली तस्वीरों की बात करता है, जिन्हें वह अपने दोस्तों के दादा जी के साथ खेलते देखता था। पिता यह सोचता है कि अगर दादा जी होते तो वे क्या कहानी सुनाते और दुनिया के बारे में क्या सोचते। दादी से दादा जी के बारे में पूछने पर वह हमेशा उदास होती थीं, और पिता को दादा जी की छवि साफ-साफ नहीं दिखती थी। जब उसका बेटा पैदा होता है, तो वह अपने पिता (बेटे के दादा) को उसके साथ खेलते हुए देखता है और उस पल में अपने दादा जी की छवि उसके पिता की शक्ल में साफ हो जाती है। वह यह महसूस करता है कि हर पीढ़ी में पिता और पुत्र का संबंध बना रहता है, बस उनकी शक्ल बदलती है। पिता अपने बेटे को सलाह देता है कि वह अपने जीवन को अपने तरीके से जीए और हमेशा अपने मन की सुने। वह उसे यह भी कहता है कि वह उम्मीद करता है कि उसका बेटा उसे बेहतर इंसान बनेगा। अंत में, पिता अपने बेटे को अपने बचपन की अधूरी भावनाओं को पूरा करने के लिए बहुत सारा प्यार भेजता है। वीकेंड चिट्ठियाँ - 7 Divya Prakash Dubey द्वारा हिंदी पत्र 1.8k 5.4k Downloads 12.2k Views Writen by Divya Prakash Dubey Category पत्र पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण संडे वाली चिट्ठी ------------------ प्यारे बेटा, मैंने अपने दादा जी की शक्ल कभी नहीं देखी थी. वो मेरे इस दुनिया में आने से बहुत पहले चले गए थे. मैं जब बचपन में अपने दोस्तों को अपने दादा जी के साथ खेलते, कहानी सुनते की ज़िद्द करते देखता था तो लगता था कि मेरे बचपन का कुछ हिस्सा अधूरा रह गया. घर पे दादा जी की एक ही तस्वीर थी जो बहुत धुंधली हो चुकी थी. तब एक तस्वीर सैकड़ों यादें सहेज लेती थी. अब सैकड़ों तस्वीरें मिलकर भी उतनी यादें नहीं सहेज पातीं. Novels वीकेंड चिट्ठियाँ उन सभी लड़कियों के नाम जो पहले नहीं मिलीं! ज़िंदगी से यूं भी तमाम शिकायतें हैं मुझे. लेकिन उन तमाम शिकवों में से एक ये भी है कि ज़िंदगी मुझे तुमसे पहले... More Likes This अँधेरे वाला स्टेशन - भाग 8 द्वारा Shahroz khan मोहब्बत हो गयी है तुम्हें - (भाग 10) द्वारा Laiba Hasan सत्य मीमांसा - 1 द्वारा Rudra S. Sharma टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 11 द्वारा Ayesha Letter From Me - 2 द्वारा Rudra S. Sharma रिश्ता चिट्ठी का - 1 द्वारा Preeti रिश्ता चिट्ठी का द्वारा Preeti अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी