गगन और संतोष दो करीबी दोस्त हैं, जो एक-दूसरे से अपने जीवन की छोटी-बड़ी बातें साझा करते हैं। गगन ने संतोष को बताया कि मिश्रा जी की बेटी नेहा ने उसे देखा और शर्माते हुए अंदर भाग गई। संतोष हैरान है और गगन का आत्मविश्वास बढ़ता है। लेकिन गगन खुद नहीं समझ पाता कि नेहा क्यों हंसी। जब उसके पिता ने पैंट की ज़िप खुली होने की बात बताई, तो गगन को समझ में आया कि नेहा हंसने का कारण क्या था। गगन ने संतोष को यह नहीं बताया कि नेहा उसे नोटिस करती है, बल्कि उसने ये दिखाने का प्रयास किया कि वह उसे पसंद करती है। गगन ने संतोष को रोज़ नेहा के बारे में कहानियाँ सुनानी शुरू कर दीं। एक दिन संतोष गगन के घर आया जब नेहा कपड़े लटकाने आई, लेकिन उसने गगन की ओर ध्यान नहीं दिया। संतोष को लगा कि गगन झूठ बोल रहा है और उसे सच पता चल गया। रात को गगन फेसबुक पर था, तब उसे नेहा का फ्रेंड रिक्वेस्ट मिला। यह देखकर वह खुश हुआ और उसे दो मैसेज आए, जिससे यह पता चलता है कि नेहा उससे बातचीत करना चाहती है। कहानी गगन के आत्मविश्वास और उसके और नेहा के रिश्ते की शुरुआत की ओर बढ़ती है। एंजल नेहा Rahul Joshi द्वारा हिंदी लघुकथा 4.7k 2k Downloads 7.5k Views Writen by Rahul Joshi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “आज तुम्हरी भाभी ना सिर्फ हमको देखी. बल्कि लजाते हुए अंदर दौड़ पड़ी.”... गगन ने संतोष से कहा। दोनों जिगरी यार थे। हर छोटी-बड़ी बात आपस में साझा किया करते थे। “का बात कर रहे हो बे, सच में का”.... संतोष ने रजनीगंधा थूकते हुए हैरानी से पूछा। ऐसा वो सिर्फ तब करता था, जब बोलना बेहद जरूरी हो जाए। नहीं तो हूं-हां से ही काम चल जाता था। “और नहीं तो का! हम क्या झूठ बोल रहे है तुम से”... गगन ने कहा। हालांकि ये बात अलग थी, गगन खुद थोड़ी देर More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी