इस कहानी में प्रस्तुतकर्ता, प्रदीप श्रीवास्तव, अपनी पहली सर्विस देने के अनुभव को साझा कर रहे हैं। वह सोचते हैं कि उन्हें केवल एक ग्राहक को सेवा देनी है, लेकिन उन्हें पता चलता है कि उन्हें दो महिलाओं को एक साथ सेवा देनी है। दोनों महिलाएं शालीन और सभ्य हैं, और बातचीत में उन्हें सहज बनाती हैं। प्रदीप अपनी नई नौकरी में अनाड़ी महसूस करते हैं लेकिन अपने आत्मविश्वास को बनाए रखते हुए उन्हें 'हां' कह देते हैं। सर्विस देने के दौरान, प्रदीप को कई महंगे ड्राई नॉनवेज और व्हिस्की का अनुभव होता है, और उन्हें समझ में आता है कि महिलाएं बेहद एक्सपर्ट हैं, जो उन्हें नियंत्रित कर रही हैं। अंत में, जब महिलाएं उनके अनुभव की तारीफ करती हैं, तो प्रदीप आश्चर्यचकित होते हैं और उन्हें एहसास होता है कि वे केवल एक उपकरण की तरह हैं, जिसका रिमोट महिलाओं के हाथ में है। यह कहानी आत्म-खोज, नियंत्रण और सामाजिक गतिशीलता की जटिलताओं को दर्शाती है। मेरी जनहित याचिका - 4 Pradeep Shrivastava द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4.5k 4.5k Downloads 10.5k Views Writen by Pradeep Shrivastava Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मैंने सोचा कि यह तो अकेले थी। इसने यह तो बताया ही नहीं कि मुझे दो को सर्विस देनी है। जब एक अंदर घर में थी तो गेट पर बाहर से ताला लगाने का क्या मतलब है? हालांकि दोनों की बॉडी लैंग्वेज, हाव-भाव बड़े अच्छे थे। बेहद शालीन, सभ्य, सुसंस्कृत लग रही थीं। दोनों ने ऐसे बात शुरू की जैसे हम बहुत पहले से मित्र रहे हैं। पांच मिनट की बात में ही दोनों ने ही मेरे मुंह से सच निकलवा लिया कि मैं इस फ़ील्ड में न्यूकमर हूं, यह मेरा पहला दिन है। मेरे सॉरी बोलने पर वह दोनों मुस्कुरा कर रह गईं। इस बीच मुझसे यह पूछ लिया गया कि क्या मैं दोनों को सर्विस दे सकता हूं। क्षण भर में मैंने सोच लिया कि मैंने ना किया तो कमज़ोर साबित होऊंगा। अनाड़ी तो साबित हो ही चुका हूं। Novels मेरी जनहित याचिका आम की बाग को आखिरी बार देखने पूरा परिवार गया था। मेरा वहां जाने का मन बिल्कुल नहीं था। मां-पिता जिन्हें हम पापा-अम्मा कहते थे, की जिद थी तो चला गया। प... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी