तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा - 17 Sapna Singh द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

तपते जेठ मे गुलमोहर जैसा - 17

Sapna Singh मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

अप्पी इंतजार करती रही अभिनव अब उसे कहेगा.... बहुत हुआ अब कुछ लिखो पढ़ो.... अपनी पी.एच.डी. कम्पलीट करो...। अभिनव सुबह उठता.... और ... जब तक आॅफिस न चला जाता, अप्पी एक पैर पर खड़ी होती..... उसके जाने के बाद ...और पढ़े