उजड़ता आशियाना - पतझड़ - 2 Mr Un Logical द्वारा पत्रिका में हिंदी पीडीएफ

उजड़ता आशियाना - पतझड़ - 2

Mr Un Logical द्वारा हिंदी पत्रिका

आज बहुत दिनों के बात एक सुहानी शाम को कुछ फुरसत के पल मिले थे।ऐसा लग रहा था जैसे हम कितने दूर निकल गए,और बहुत कुछ पीछे छूट गया था।अतीत के झरोखों से बहुत सी यादें मन को प्रफुल्लित ...और पढ़े