मानसी ने तीन महीने तक राकेश से संपर्क नहीं किया, और जब उसने फोन किया, तो राकेश को पता चला कि मानसी अस्पताल में भर्ती रही थी। मानसी ने राकेश को अपने घर भोजन के लिए बुलाया, जहाँ राकेश ने उसे आश्वासन दिया कि वह जल्द ही उसका कर्ज लौटाएगी। बातचीत के दौरान, मानसी ने बताया कि वह व्यापार करना चाहती है और उसे एक जगह से पांच लाख रुपये का ऋण मिल रहा है, जिस पर सालाना 24% ब्याज देना होगा। राकेश ने उसे समझाया कि इतनी ऊँची ब्याज दर पर वह सफल नहीं हो सकेगी। कहानी में मोहनलाल नामक एक किसान का जिक्र है, जो कर्ज लेकर उसे समय पर चुकता करने की आदत रखता था। एक संत ने उसे कर्ज लेने से मना किया था, लेकिन मोहनलाल ने उसकी सलाह को नजरअंदाज कर दिया। अंततः, मोहनलाल ने साहूकार से कर्ज लिया और अपनी जमीन गिरवी रख दी, सोचकर कि वह सट्टे में पैसा कमाएगा। लेकिन उसके सारे पैसे सट्टे में डूब गए, और अंत में उसे पश्चाताप के अलावा कुछ नहीं मिला। इस प्रकार, कहानी में कर्ज और उसके दुष्परिणामों के बारे में चेतावनी दी गई है, साथ ही यह भी दर्शाया गया है कि लालच और असावधानी से व्यक्ति को संकट में डाल सकता है। रात के ११बजे - भाग - ३ Rajesh Maheshwari द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 8.4k 3k Downloads 7.4k Views Writen by Rajesh Maheshwari Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मानसी ने तीन माह तक राकेश से कोई संपर्क नहीं किया। राकेश भी यह सोचकर कि किसी जरुरतमन्द की मदद की है दस हजार रूपयों की बात भूल गया था। एक दिन अचानक मानसी का फोन आया- आप कैसे हैं ? ठीक हूँ। तुम कैसी हो ? मैं भी अच्छी हूँ। आपने तो पिछले तीन माह में एक बार भी मेरी खोज-खबर नहीं ली ? मैंने सोचा तुम अपने काम में लगी होगी। जब मिलोगी तो बात करुंगा। मैं दो माह तक अस्पताल में भरती रही। आपने एक बार भी मेरी हालत जानने का प्रयास नहीं किया। सुनकर राकेश को Novels रात के ग्यारह बजे आत्म कथ्य नारी ईश्वर की इस सृष्टि की संचालन कर्ता भी है और इसकी गतिशीलता का आधार भी। नारी से मेरा तात्पर्य जीव-जन्तु पेड़-पौधों में उपस्थित नारी... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी