एक दिन, एक सहकर्मी रविवार के दिन मेरे घर आए। उन्होंने कहा कि वे मेरे हाल-चाल पूछने आए हैं, लेकिन उनके चेहरे पर चिंता और उदासी थी। मैंने उनसे पूछा कि क्या परेशानी है, और उन्होंने बताया कि उनका परिवार लगातार झगड़ता है। वे अपने परिवार के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन कोई उनकी कदर नहीं करता। उनके बेटे कमाते हैं, लेकिन घर का खर्च नहीं उठाना चाहते। उन्होंने अपनी बेटी की शादी में सारी बचत खर्च की और अब परिवार में बंटवारे की बातें चल रही हैं। उनका दुख यह था कि वे अपनी कमाई और संपत्ति पर कोई नियंत्रण नहीं रख पाए। वे अपने लिए कुछ भी नहीं कर पाते और चाहते थे कि अपनी बेटी के लिए भी कुछ कर सकें। सहकर्मी ने मेरी खुशहाल पारिवारिक स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा कि मेरे घर में सभी एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं। इस बातचीत ने मुझे अपनी परेशानियों की याद दिलाई। मैंने भी कभी अपने लिए कुछ नहीं किया था और अपने परिवार की उम्मीदों के चलते हमेशा दूसरों के लिए ही जीता रहा। मैं सोचने लगा कि क्या मुझे भी बदलाव की जरूरत है, ताकि मैं अपने लिए भी जी सकूं। बदलने की जरूरत r k lal द्वारा हिंदी लघुकथा 34.7k 2.4k Downloads 7.2k Views Writen by r k lal Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बदलने की जरूरतआर 0 के0 लाल घंटी की आवाज सुनकर दरवाजा खोलने पर मैंने देखा कि मेरे एक सहकर्मी खड़े है। उन्होंने कहा “आज रविवार है, सोचा आप घर पर ही होंगे, चलकर आपका हाल-चाल पूंछ आए।” वैसे तो मुझे बहुत आश्चर्य हुआ कि जो व्यक्ति बिना किसी काम के किसी को नमस्ते नहीं करता आज क्यों मेरे सुख दुख में हिस्सा लेने मेरे घर आ गया है। फिर भी मैंने उन्हें अपने ड्राइंग रूम में बैठाया। बहुत देर तक वे गुमसुम बैठे रहे और मैं उनके लिए नाश्ते की व्यवस्था करता रहा। छुपाने का अथक प्रयास करने के बावजूद भी More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी