वफ़ाई ने नींद से जागकर रात्रि के शांत माहौल में झूले के पास जीत को देखा, जो जाग रहा था। उसे आशंका थी कि जीत क्यों जाग रहा है, और वह उसकी चिंता या गहन विचारों में था। वफ़ाई ने महसूस किया कि झूले पर एक स्थान हमेशा खाली रहता है, क्योंकि न तो वह जीत के पास बैठी थी और न ही उसने कभी जीत को आमंत्रित किया। वफ़ाई को अपने भावनाओं को स्वीकारने में संकोच था, क्योंकि उसे डर था कि यदि वह जीत के करीब जाएगी, तो उसे खोने का भय था। उसने यह माना कि दूर रहकर भी वह खुश है, लेकिन एक रिश्ते में यह अजीब था कि दोनों के लिए स्थान होते हुए भी एक हमेशा खाली रहता था। उसकी चिंता को एक मित्र ने दूर किया, यह कहते हुए कि यदि जीत को उसका सम्मान और स्नेह होगा, तो वह उसे नहीं खोएगी। वफ़ाई ने अपनी भीरुता का उल्लेख किया, लेकिन मित्र ने उसे बताया कि यह प्यार है और इसे स्वीकार करना चाहिए। वफ़ाई ने विरोध किया, लेकिन उसकी चीखें शांत रात में गूंज गईं, जिससे जीत ने उसकी ओर देखा। वफ़ाई दरवाजे पर खड़ी थी, न तो अंदर थी और न बाहर। उसकी पोशाक में बदलाव जीत के लिए नया था। उसने वफ़ाई के खुले हाथों को देखा, जो स्निग्ध और रेशमी थे। इस दृश्य ने दोनों के बीच की भावनाओं को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया। हिम स्पर्श - 51 Vrajesh Shashikant Dave द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 8.2k 2.6k Downloads 7k Views Writen by Vrajesh Shashikant Dave Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण 51 नींद से उठकर वफ़ाई द्वार पर खड़ी हो गई। बाहर अभी भी रात्रि का साम्राज्य था। सब कुछ शांत था, स्थिर था। रात्रि धीरे धीरे गति कर रही थी। वफ़ाई ने झूले को देखा। जीत वहाँ बैठा था। “जीत सोया नहीं? अथवा जाग गया? ऐसा क्यों?” वफ़ाई मन ही मन बोली। वफ़ाई ने घड़ी देखि। रात्रि अधिक व्यतीत हो गई थी। आधी से अधिक रात्रि बीत चुकी है किन्तु जीत जाग क्यों रहा है? वह कोई गहन चिंतन में है अथवा चिंता में? कुछ क्षण मैं जीत को देखती हूँ। समझ में तो आए कि बात क्या है? Novels हिम स्पर्श जब बर्फ की एक युवती मरुभूमि में एक युवक से मिलती है तो .. तो जो घटनाएँ घटती है , वह क्या है युवती तस्वीर पत्रकार है तो युवक चित्रकार। दोनों के बीच... More Likes This माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet The Deathless and His Shadow - 1 द्वारा Dewy Rose अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी