कहानी एक व्यक्ति के संघर्ष और उसकी कंपनी के पुनर्निर्माण की है। उन्होंने अपने कारखाने के कर्मचारियों के लिए एक लिखित अनुबंध की आवश्यकता महसूस की, जिससे श्रमिकों को स्थानांतरित करने में आसानी हो सके। आर्थिक संकट के कारण, उन्होंने अपनी निजी संपत्तियाँ बेचकर मजदूरों को मुआवजा और ग्रेच्युटी का भुगतान किया। एक नई टाइल्स बनाने की फैक्ट्री स्थापित करने का प्रयास तकनीकी खामियों के कारण विफल रहा, जिससे कंपनी की पूंजी खत्म हो गई। बैंक से ओवरड्राफ्ट की सीमा समाप्त हो गई, और वे निजी ऋण नहीं लेना चाहते थे। इस कठिनाई में, एक रिश्तेदार ने आर्थिक मदद की, जिससे कर्मचारियों को भुगतान संभव हुआ। कहानी में यह भी बताया गया है कि कठिनाइयाँ केवल मन का भ्रम हैं, और हर समस्या का समाधान संभव है। मेहनत और साहस से बाजार में पुनः प्रवेश करना संभव हुआ, और कंपनी अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को पुनः प्राप्त करने में सफल रही। कहानी का अंतिम भाग लेखक के बेटे के व्यवसाय में शामिल होने की खुशी को दर्शाता है। बेटे ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की है, और पिता अपने जीवन के अनुभव और उपलब्धियों को उसे सौंपने का इच्छुक है। यह एक प्रेरणादायक कहानी है, जो संघर्ष, साहस और परिवार के महत्व को उजागर करती है। पथ भाग २ Rajesh Maheshwari द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 2.1k 2.8k Downloads 7.4k Views Writen by Rajesh Maheshwari Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण लाभ हमारे कारखाने को आगे जाकर प्राप्त हुआ। यदि हम ऐसा लिखित अनुबन्ध नहीं करते तो श्रमिकों को आठ किलोमीटर से अधिक स्थानान्तरित नहीं कर सकते थे। हमारे बैंक के कर्जे मजदूरों को मुआवजा और ग्रेच्युटी आदि के भुगतान के लिये हमने अपनी निजी संपत्तियां बेचीं और सारे भुगतान कर दिये। हमने अति आत्म विश्वास में टाइल्स बनाने का एक नया कारखाना स्थापित कर लिया था जो कि तकनीकी खामियों के कारण सफल नहीं हो सका और हमें उसे बन्द करना पड़ा और हमें उसका कर्ज भी चुकाना पड़ा। कारखाने के कर्मचारियों के साथ समझौता सम्पन्न हो गया एवं कारखाना Novels पथ मेरा यह प्रयास समर्पित है श्रृद्धेय श्री वेणुगोपाल जी बांगड़ को जिनकी पितृव्य स्नेह स्निग्ध छाया ने प्रदान किया है हर पल संरक्षण और सम्बल... More Likes This नम आँखे - 2 द्वारा Nandini Agarwal आजादी - 1 द्वारा Kuldeep singh सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 2 द्वारा Geeta Kumari ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi स्वयं पर नज़र: जीवन को समझने का असली मार्ग - 1 द्वारा Sweta Pandey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी