अमर एक उच्च ब्राह्मण परिवार में पैदा हुआ था, लेकिन उसकी जिंदगी में कठिनाइयाँ आ गई हैं। वह कुत्ते का मल साफ करके रोजगार चला रहा है, जबकि उसके सपने साहित्य, प्यार और सफलता के थे। उसे अपने गांव की याद आती है और वह सोचता है कि वहां उसके परिवार का क्या हाल होगा। उसने अपने पूरे धन को गांव के मकान में लगाया, लेकिन अब न तो वह वहां मालिक बन सका और न ही दूल्हा। अमर के मन में कई विचार घूमते हैं, जैसे उसके परिवार के सदस्य कैसे होंगे और गांव वाले उसके लौटने का इंतजार कर रहे होंगे या नहीं। लेकिन उसे यह भी याद आता है कि उसी गांव ने उसके माता-पिता को खोने का कारण बना और अब लोग उसकी मृत्यु की कामना कर रहे होंगे ताकि उन्हें उसकी संपत्ति मिल सके। अमर अब अपनी पहचान को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है और उसने कई दिनों तक अपने पुराने दोस्तों से संपर्क नहीं किया। अंत में, उसने अपने सहकर्मी भल्ला से फोन पर बात की। उसकी मानसिक स्थिति और संघर्ष उसके लिए एक नई पहचान की तलाश में है। सड़कछाप - 16 dilip kumar द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 18.8k 4k Downloads 8.5k Views Writen by dilip kumar Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अमर बहुत व्यथित था कि कुत्ता उसका भाई औऱ कुत्ते का मल साफ करना उसका रोजगार। कल का सपना बहुत सुहा सुहाना था, सर, लेखक, लड़की जैसी नियामतें उसकी जिंदगी में दस्तक दे रही थीं मगर आज की वास्तविक जिंदगी बहुत बदरंग और बदबूदार। वो उच्च ब्राह्मण कुल में पैदा हुआ और आज उसे रोजगार में क्या करना पड़ा?अमर सर से लेकर अमर नौकर तक का गोल घेरे का सफर ज़िन्दगी ने महज कुछ ही घंटों में तय कर लिया था। वो हालात पर बड़ी सावधानी से विचार करने लगा। पिछली बार की गल्तियां उसे हर्गिज़ नहीं दोहरानी थी जैसे कि अपनी दिल्ली की हाड़ तोड़ कमाई को उसने अपने गांव के मकान में लगाया था मकान मालिक और दूल्हा बनने के लिये। लेकिन ना तो वो गांव में मालिक बन सका, ना दूल्हा और अपनी जमा पूंजी भी गंवा बैठा था और जान के लाले पड़े सो अलग से। Novels सड़कछाप सर्दियों की सुबह, शीतलहर से समूचा उत्तर भारत कांप रहा था। चरिंद-परिन्द सब हल्कान थे कुदरत के इस कहर से। कई दिनों से सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिये थे... More Likes This LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash कहानी एक लड़की की - भाग 1 द्वारा Vishakha Pareek अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी