‘एक लडकी को देखा तो ऐसा लगा’ एक अनोखी प्रेम कहानी है जो समलैंगिकता के विषय पर आधारित है। यह फिल्म उस पारंपरिक कथानक से हटकर है जिसमें लडका-लडकी के बीच प्रेम को दर्शाया जाता है। फिल्म में दो लडकियों के बीच के प्रेम को दिखाया गया है, जो समाज में एक संवेदनशील मुद्दा है। निर्देशिका शैली चोपरा धर ने इस गंभीर विषय को मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया है। सोनम कपूर ने स्वीटी का किरदार निभाकर समलैंगिक महिला की चुनौतियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया है। अनिल कपूर, राजकुमार राव, और जुही चावला जैसे कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। फिल्म का टोन ड्रामेटिक है और पंजाबी परिवार की नोंकझोंक को दर्शाते हुए मजेदार है। यद्यपि फिल्म के डायलॉग्स और संगीत में सुधार की गुंजाइश है, लेकिन अच्छी एक्टिंग और प्रस्तुति के कारण यह न तो उबाऊ लगती है और न ही लडखडाती है। यह फिल्म एक सामाजिक मुद्दे को उठाती है और अश्लीलता से दूर रहते हुए अपने दर्शकों को एक नई दृष्टि प्रदान करती है। कुल मिलाकर, इसे देखने की सिफारिश की जाती है और इसे 5 में से 3 स्टार दिए गए हैं। फिल्म रिव्यूः ‘एक लडकी को देखा तो ऐसा लगा’... प्यार के ‘उस’ अनछुए मुद्दे पर बनी खूबसूरत फिल्म... Mayur Patel द्वारा हिंदी फिल्म समीक्षा 87.4k 18k Downloads 68.9k Views Writen by Mayur Patel Category फिल्म समीक्षा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दशकों से हम हिन्दी फिल्मों में लव स्टोरी देखते आए है. लडका-लडकी मिलते हैं, पहले तकरार और फिर प्यार होता है. घरवाले विलन बनते है. बिछडना-जुदाई का सामना करना पडता है, लेकिन आखिरकार प्यार की जीत होकर रहेती है. ऐसी घीसीपिटी कहानी पर बनी कितनी फिल्में हम देख चुके है. ‘एक लडकी को देखा तो ऐसा लगा’ में भी यही सब है. लेकिन, यहां कहानी में एक बडा ट्विस्ट भी है. और वो ट्विस्ट ये है की, यहां प्रेम कहानी में लडका है ही नहीं. ये प्रेम कहानी है दो लडकीयों के बीच की. जी हां, ये फिल्म समलैंगिंक प्रेम Novels फिल्म रिव्यू - मयूर पटेल फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज हुई... More Likes This कुछ रिश्ते उलझे से - 1-2 द्वारा Toufeek Ahmad दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में - 1 द्वारा Shivraj Bhokare ट्रिपलेट्स भाग 1 द्वारा Raj Phulware नेहरू फाइल्स - भूल-80 द्वारा Rachel Abraham Dhurandhar - Movie Review द्वारा Ashish पती पत्नी और वो - भाग 1 द्वारा Raj Phulware टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 9 द्वारा Ayesha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी