"अपनी अपनी मरीचिका" उपन्यास का सारांश इस प्रकार है: कहानी 30 दिसंबर, 1948 को सेट की गई है, जिसमें एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ सिंध से भारत में शरण लेने के अपने अनुभवों को साझा करता है। वह अपने पिता से पूछता है कि उन्होंने और उनके साथियों ने इतनी मेहनत और संघर्ष क्यों किया था, जब अंत में उन्हें अपनी मातृभूमि छोड़नी पड़ी। वह सच्चाई, सत्याग्रह, और स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्षों के बारे में सोचता है, जबकि वह वर्तमान में भिखारियों, शरणार्थियों, और भ्रष्टाचार से भरे माहौल को देखता है। पिता ने उसे डायरी लिखने का निर्देश दिया था, जिसमें उसे अपनी भावनाओं और विचारों को गोपनीय तरीके से व्यक्त करने की सलाह दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि उसकी डायरी पकड़ी जाती है, तो यह न केवल उसके लिए, बल्कि उसके देश के लिए भी खतरा बन सकती है। इस प्रकार, वह डायरी लिखने की कला विकसित करता है और उसे अपने विचारों को सुरक्षित रखने का महत्व समझ में आता है। विभाजन के समय, जब वह अपने गाँव लौटता है, तो उसके पिता उसे चेताते हैं कि उन्हें यह जगह छोड़नी पड़ सकती है। यह कहानी संघर्ष, पहचान, और अस्तित्व की जटिलताओं को उजागर करती है, जो विभाजन के समय लोगों को प्रभावित करती हैं। अपनी अपनी मरीचिका - 2 Bhagwan Atlani द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 10.2k 3.2k Downloads 8k Views Writen by Bhagwan Atlani Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सिंध से खाली हाथ हम क्या इसीलिए आए थे? बाबा और उनके साथियों ने कष्ट क्या इसीलिए उठाए थे? सत्याग्रह, पर्चेबाजी, पिकेटिंग, आंदोलन और लाठी-गोली के खतरे उठाकर भी देश को आजाद कराने की तड़़प क्या इसीलिए थी उनमें? क्या इसीलिए अपने इकलौते, मासूम और नादान बेटे को छपा हुआ साहित्य लेकर इधर से उधर दौड़़ाया करते थे बाबा? काम-धंधा छोड़कर, सर पर कफन बाँधकर घूमने का कठोर व्रत क्या इसीलिए लिया था उन्होंने? Novels अपनी अपनी मरीचिका शायद ही कोई ऐसा धंधा करने वाला दुकानदार होगा जिसे लोग कई नामों से पुकारते हों। उसे हेय दृष्टि से देखते हों। नाम सुनकर मुँह बिचका देते हों। लेकिन मेरे... More Likes This प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet The Deathless and His Shadow - 1 द्वारा Dewy Rose नया बॉडीगार्ड - 1 द्वारा Miss Secret वो जिंदा है - 1 द्वारा S Sinha नागमणी की श्रापित नागरानी - 1 द्वारा Piyu soul अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी