आफिया सिद्दीकी की कहानी 1994 में शुरू होती है, जब वह एक सुबह अपने फोन की घंटी सुनकर जागती है। उसकी दोस्त मार्लेन उसे मिलने आती है। वे मिलकर सुलेमान अहमर से मिलती हैं, जो बैनेवोलैंस इंटरनेशनल का डायरेक्टर है। सुलेमान ने जिहाद के प्रति अपनी रुचि कैसे विकसित की, यह बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। वह एक संगठन स्थापित करने के लिए यहाँ आया है, जो असल में अलकायदा से जुड़ा हुआ है। बैनेवोलैंस एक बड़ा संगठन है, जिसका काम चैरिटी दिखाया जाता है, लेकिन यह जिहाद के लिए फंडिंग भी करता है। मीटिंग में आफिया को बोलने का मौका मिलता है, और वह प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखती है। उसने मुस्लिम मर्दों की अनुपस्थिति और बॉस्निया में महिलाओं की दुर्दशा पर सवाल उठाया। उसकी भावनात्मक और जोशीली बातें सुनकर कई युवक जिहाद के लिए प्रेरित होते हैं। इस तरह, आफिया का जिहाद के प्रति समर्पण और उसका प्रभावशाली व्यक्तित्व कहानी में केंद्रित है। आफ़िया सिद्दीकी का जिहाद - 7 Subhash Neerav द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 30.6k 3.5k Downloads 8.4k Views Writen by Subhash Neerav Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वर्ष 1994 को आरंभ हुए तीन सप्ताह हो चुके थे। उस दिन रातभर बर्फ़बारी होती रही थी। आफिया गहरी नींद सोई हुई थी जब उसके सैल फोन की घंटी बजी। उसने अलसाते हुए ‘हैलो’ कहा। दूसरी ओर मार्लेन बोल रही थी। उसने इतना कहकर फोन काट दिया कि वह उसको एक घंटे बाद लेने आ रही है। वह तैयार रहे। आफिया ने धीरे-धीरे बिस्तर छोड़ा और उठकर कमरे में से बाहर आ गई। उसने खिड़की का पर्दा उठाकर बाहर देखा। सूरज की तेज किरणों ने उसकी आँखें चुंधिया दीं। रात यद्यपि बर्फ़ गिरती रही थी, पर इस समय सूरज निकला हुआ था। स्नो पर पड़ती धूप आँखों में चुभ रही थी। वह पर्दा गिराकर वापस कमरे में आ गई। फिर तैयार होने लगी। Novels आफ़िया सिद्दीकी का जिहाद यह अफ़गानिस्तान का गज़नी शहर था। उस दिन वर्ष 2008 के जुलाई महीने की 17 तारीख़ थी। दिन भर बेइंतहा गरमी पड़ती रही थी। दिन ढलने लगा तो गरमी की तपिश भी कम हो... More Likes This माइनर टाउन: जागरण - 3-4-5-6 द्वारा Ankit Saxena इश्क की पहली बारिश - 1 द्वारा Pooja RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Shanaya khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी