यह कहानी रेगिस्तान की खूबसूरती और वहाँ के जीवन की कठिनाइयों के बारे में है। कई फिल्म निर्माताओं ने रेगिस्तान को अपनी फिल्मों में खूबसूरती से दिखाया है। पीले और नारंगी रंग की रेत देखने में मनोहारी लगती है, लेकिन वहां का जीवन उतना ही उजाड़ और बेबस है। इस कहानी में यह दर्शाया गया है कि हर सहरा के नखलिस्तान होते हैं, लेकिन जीवन की वास्तविकता उतनी सरल नहीं है। हर सहरा के नखलिस्तान जरूर हैं Prabodh Kumar Govil द्वारा हिंदी लघुकथा 4.7k 2.2k Downloads 9.5k Views Writen by Prabodh Kumar Govil Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कई फिल्मवालों ने रेगिस्तान को अपनी फिल्मों में बड़ी खूबसूरती से फिल्माया है। पीले-नारंगी रंग की यह नयनाभिराम रेत देखने में जितनी मनोरम लगती है, वहां के जीवन को उतना ही उजाड़ और बेबस बना देती है। वहां गर्मी-सर्दी आप चैन से रह नहीं सकते। हां, हर सहरा के कुछ नखलिस्तान जरूर हैं, जिनके चलते लोग वहां जाते भी हैं और रहते भी हैं। राजस्थान प्रदेश तो लगभग आधा इस रेत की चपेट में ही है। बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे कई जिले तो अन्यान्य कारणों से प्रसिद्ध हैं और वहां लोगों का आना-जाना लगा ही रहता है। More Likes This Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी