सुहानी अब शोगता का रूप धारण कर चुकी है। एक दिन, वह इंस्पेक्टर की टीम के साथ ब्रिजेश के घर पहुंचती है। इंस्पेक्टर ब्रिजेश को बताता है कि उसकी पत्नी एक एक्सीडेंट के बाद अस्पताल में थी और उसकी याददाश्त खो गई थी। अब, दो साल बाद, वह कुछ चीजें याद करने लगी है। ब्रिजेश, सुहानी को देखकर भावुक हो जाता है और उसे गले लगा लेता है। इंस्पेक्टर उसे चेतावनी देता है कि सुहानी की हालत ठीक नहीं है, इसलिए उसे आराम करने देना चाहिए। ब्रिजेश उन्हें चाय पर बुलाता है, लेकिन इंस्पेक्टर मना कर देता है। सुहानी, ब्रिजेश के साथ रहने के दौरान शोगता के बारे में जानने की कोशिश करती है। वह एक हफ्ते में आसपास के इलाके को अच्छे से समझ जाती है और इंस्पेक्टर से अपने माता-पिता और हैरी की जानकारी लेती है। वह अपने माता-पिता से संपर्क नहीं कर सकती, क्योंकि ब्रिजेश को शक हो जाएगा। समय बीतता है और सुहानी अपने काम में अच्छी तरह से शामिल हो जाती है, फिर भी उसे अयान की याद आती है। वह अपनी भावनाओं को एक ऑनलाइन डायरी में लिखती है। तीन महीने बाद, सुहानी ने ब्रिजेश के बारे में और भी जानकारी इकट्ठा कर ली है। एक रात, ब्रिजेश शोगता के पास आता है और अपने पुराने दिनों को याद करता है, जबकि सुहानी उसे रोकने की कोशिश करती है। बेगुनाह गुनेहगार 17 Monika Verma द्वारा हिंदी लघुकथा 18.8k 3.7k Downloads 10k Views Writen by Monika Verma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुहानी अब शोगता बन चुकी है। इंस्पेक्टर की टीम के साथ सुहानी अचानक से ब्रिजेश के पास पहुची। इंस्पेक्टर ने डोर बेल बजाई। ब्रिजेश ने दरवाजा खोला।इंस्पेक्टर: हमे आपकी wife मिल गई है। एक एक्सीडेंट केे बाद इलाज के लिए अस्पताल में थी। उनकी याददास्त चली गई थी। 2 साल के बाद थोड़ा बहोत इन्हें याद का चुका है।ब्रिजेश सुहानी को देख कर थोड़ा सदमे से बाहर आया और पागलो की तरह उसे अपने सीने से लगा लिया।इंस्पेक्टर ने उसे शोगता से दूर करते हुए कहा देखिए अभी इनकी हालत कुछ ठीक नही है। इन्हें सब याद आ जाने Novels बेगुनाह गुनेहगार सुहानी। एक प्यारी सी लड़की। जो अपने ख्यालो से इस दुनिया को देखती है, समझती है। जिसे संभव असंभव, मुमकिन नामुमकिन, मुश्किल आसान का फर्क समझ नही आता। जो क... More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी