निक्की Saadat Hasan Manto द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

निक्की

Saadat Hasan Manto मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

तलाक़ लेने के बाद वो बिलकुल नचनत होगई थी। अब वो हर रोज़ की वानिता कुल कुल और मार कटाई नहीं थे। निक्की बड़े आराम-ओ-इत्मिनान से अपना गुज़र औक़ात कर रही थी। ये तलाक़ पूरे दस बरस के बाद ...और पढ़े

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