कहानी 'सड़कछाप' में सरोजा की स्थिति को दर्शाया गया है, जो एक गंभीर स्थिति से गुजर रही है। वह गंभीर चोटों के साथ बेहोश हो जाती है और जब होश में आती है, तो उसे अपने शरीर में भयंकर दर्द और खून का रिसाव महसूस होता है। वह बमुश्किल उठकर बाहर आती है और अपने टॉर्च और छूरी को खोजना शुरू करती है। सरोजा कई प्रयासों के बाद एक दीवार पर चढ़कर अपने कमरे में जाती है, जहाँ वह अपनी चोटों का इलाज करने का प्रयास नहीं करती क्योंकि उसे पुलिस के पास जाना था। वह अपने जननांगों से रिसते खून को रोकने के उपाय करती है और फिर एक लालटेन जलाती है। जब वह रामजस के पास जाती है, तो उसे पता चलता है कि वह बेहोश हैं और उनके चेहरे पर गंभीर चोटें हैं। सरोजा सोचती है कि वह उन्हें उठाने में असमर्थ है, इसलिए वह एक कंबल लाकर उन पर डालने का निर्णय लेती है। कमरे में जाकर, सरोजा देखती है कि सब कुछ अस्त-व्यस्त है, और उसे पता चलता है कि रामजस का बक्सा टूटा हुआ है और कमरे में जेवरों के खाली डिब्बे पड़े हैं। वह समझ जाती है कि यह सब लूटपाट का नतीजा है और कहानी का मुख्य रहस्य उजागर होता है। सड़कछाप - 7 dilip kumar द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 11.9k 2.9k Downloads 7k Views Writen by dilip kumar Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण काफी देर बाद सरोजा के होशोहवास काबू में आये। उसे लगता था कि उसका सारा शरीर किसी ने आरी से टुकड़े-टुकड़े कर दिया हो। पूरे बदन के पोर-पोर से बेपनाह दर्द उठ रहा था। पूरा मुंह नोचा-सूजा हुआ था। वक्ष पर नाखूनों से नोचे और दांत से काटे जाने की अनगिनत निशानियां मौजूद थीं। जननांगों से काफी खून गिरा था और रिस भी रहा था। तन के कपड़े फटे थे। वो बमुश्किल उठी और बाहर आयी। बाहर अभी भी अंधेरा और कोहरा था । रामजस वैसे ही बरामदे की फर्श पर पड़े थे। उसके घर का मुख्य दरवाजा बंद था। उसे घर के अंदर उसी रास्ते से जाना था जिस रास्ते से वो वापस आयी थी। वो बमुश्किल चलते हुऐ उस जगह पहुंची जहां उससे टार्च और छूरी छीनी गयी थी। टॉर्च जमीन पर जलती हुई ही पड़ी मिली। Novels सड़कछाप सर्दियों की सुबह, शीतलहर से समूचा उत्तर भारत कांप रहा था। चरिंद-परिन्द सब हल्कान थे कुदरत के इस कहर से। कई दिनों से सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिये थे... More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी