इरा Niyati Kapadia द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

इरा

Niyati Kapadia Verified icon द्वारा हिंदी लघुकथा

ठंडी ठंडी हवा चल रही थी। में और मेरी तनहाई दोनों चुपचाप चले जा रहे थे। लगा जैसे किसी ने पुकारा। पिंछे से। मैने मूड कर देखा कोई भी नहीं था। में फिर से चलने लगी। थोड़े आगे जाते ...और पढ़े