कहानी "सड़कछाप" में एक महिला, सरोजा, अपने बेटे अमरेश की सुरक्षा के लिए चिंतित है। उसके पति की हत्या के बाद, रिश्तेदारों के जाने के बाद, सरोजा का मन बदला लेने की सोच से भरा है, लेकिन वह जानती है कि भुर्रे नाम का डाकू खतरनाक है। अमरेश स्कूल जाना चाहता है, लेकिन सरोजा उसे निजी स्कूल में नहीं भेजती और सरकारी स्कूल में नाम लिखवाती है, क्योंकि वह उसे हर समय अपने पास रखना चाहती है। सरोजा की चिंता यह है कि भुर्रे अमरेश पर हमला कर सकता है। वह सोचती है कि अगर भुर्रे से मिल पाती, तो अपने बेटे की जान बचाने के लिए सब कुछ दे सकती है। वह अमरेश के भविष्य को लेकर भी चिंतित है, यह सोचते हुए कि अगर उसका बेटा बड़ा होगा तो क्या उसे पता चलेगा कि उसकी माँ ने उसे कठिनाई में पाला। सरोजा खुद को और अपने बेटे को एक सुरक्षित और सम्मानित जीवन देने के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन उसे असुरक्षा और समाज की कठोरता का सामना करना पड़ रहा है। सड़कछाप - 2 dilip kumar द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 35.2k 4.2k Downloads 11.9k Views Writen by dilip kumar Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तेरहवीं होते ही सारे रिश्तेदार विदा हो गये। घर अपनी गति पर लौट आया । शुरू में लोगों को बड़ा उत्साह था बदला लेने, मुकदमा करने का लेकिन भुर्रे क्या कोई मामूली बदमाश तो था नहीं कि पूरे शुकुल से दस लोग लाठी-डंडा लेकर जायें और उसको मारपीट आयें। अमरेश भी तेरहवीं के बाद अपने स्कूल जाने की जिद करने लगा जो एक कोस की दूरी पर था । सारे बच्चे इक्के से स्कूल जाते थे। गांव के ही बरसाती इक्केमान पन्द्रह-सोलह बच्चों को प्राइवेट स्कूल ले जाता फिर दोपहर में सबको लौटा लाता। गांव का बूढ़ा इक्केमान सभी बच्चों का बरसाती बाबा था, जो बहुत ज्यादा जिम्मेदारी से इन बच्चों को ले जाता और लाता था। गांव के लोगों का भी बरसाती से मन पार था। लेकिन अब समीकरण बदल चुका था। भुर्रे डाकू था, उसकी सोच और गुस्से का क्या भरोसा । क्या पता अभी वो और बदला लेना चाहता हो और फिर अमरेश पर भी हमला करे। Novels सड़कछाप सर्दियों की सुबह, शीतलहर से समूचा उत्तर भारत कांप रहा था। चरिंद-परिन्द सब हल्कान थे कुदरत के इस कहर से। कई दिनों से सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिये थे... More Likes This पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी