उपन्यास "लौट आओ दीपशिखा" के इस अध्याय में दीपशिखा और नीलकांत का अद्भुत सफर दिखाया गया है। वे चाँगथाँग वैली में हैं, जहाँ झील के ऊपर काली पूँछ वाले परिंदे और काली गर्दन वाले सारस उड़ रहे हैं, जिन्हें लद्दाख में समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। दीपशिखा ने चलते-चलते इस दृश्य का स्केच बनाया, जबकि नीलकांत उसे ध्यान से देख रहा था। सफर के दौरान, उन्हें चढ़ाई पर सांस लेने में कठिनाई होती है, और सुलोचना द्वारा दी गई कपूर की टिकिया उनकी मदद करती है। दीपशिखा और नीलकांत एक-दूसरे के साथ सहज होते जा रहे हैं। जब वे पैंगोग झील पर पहुँचते हैं, तो उसका मनमोहक दृश्य उन्हें मंत्रमुग्ध कर देता है। झील के रंग और उसके पीछे के पर्वत अद्भुत हैं। दीपशिखा ने दूरबीन से झील का नज़ारा लिया और उसके बारे में जानकारी साझा की। फिल्म की शूटिंग के दौरान, उन्होंने हीरो-हीरोइन के साथ लंच किया, जिसे सैनिकों ने उनके लिए तैयार किया था। यह अध्याय प्राकृतिक सौंदर्य, दोस्ती और फिल्म निर्माण की चुनौतियों को बयां करता है। लौट आओ दीपशिखा - 5 Santosh Srivastav द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 35.9k 5.3k Downloads 12.9k Views Writen by Santosh Srivastav Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण चाँगथाँग वैली में झील के ऊपर कुछ काली पूँछ वाले परिंदे उड़ रहे थे काली गर्दन वाले सारस भी थे लद्दाख़ में इन्हें समृद्धि का प्रतीक माना जाता है और इसीलिए बौद्ध मठों की दीवारों पर इन्हें उकेरा जाता है दीपशिखा ने चलती कार में ही इस दृश्य का स्केच बना लिया नीलकांत उसे मुग्ध आँखों से निहारता रहा चढ़ाईपर हवा का दबाव काफ़ी कम था बर्फ़ानी विरल हवा में साँस भरना मुश्किल हो गया सुलोचना ने कपूर उसके पर्स में रखते हुए कहा था- “चढ़ाई पर इसकी ज़रुरत पड़ेगी सूँघती रहना यह एक अच्छा ऑक्सीजनवाहक है ” Novels लौट आओ दीपशिखा गुलमोहर के साये में स्थित वह खूबसूरत बंगला जो ‘गौतम शिखा कुटीर’ के नाम से मशहूर था और जो कभी रौनक से लबरेज़ हुआ करता था आज सन्नाटे की गिरफ़्त में है और... More Likes This LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash कहानी एक लड़की की - भाग 1 द्वारा Vishakha Pareek अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी