दिलशाद ने अपने दोस्त जीत से कहा कि उसका पर्स टेबल पर रह गया है और वह उसे लेने जा रही है। जब वह नेल्सन के कक्ष में पहुंची, तो उसने देखा कि नेल्सन ने उसका पर्स उठा लिया। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी, और दिलशाद ने नेल्सन के स्पर्श को महसूस किया। दिलशाद ने नेल्सन की आँखों की तारीफ की और वहाँ से चली गई, लेकिन उसके मन में नेल्सन के प्रति आकर्षण बढ़ गया। जीत की बीमारी के कारण दिलशाद बार-बार नेल्सन से मिलती रही, जिससे उनके बीच और भी नजदीकी बढ़ गई। जीत की हालत गंभीर हो गई, और नेल्सन ने चेतावनी दी कि एक हिम का टुकड़ा उसके फेफड़ों में फंसा हुआ है। उन्होंने एक लेजर ऑपरेशन का योजना बनाई, जिससे टुकड़े को फेफड़ों में फंसाया जा सके। दो दिन बाद नेल्सन ने दिलशाद से फोन पर बात की, लेकिन दिलशाद ने बातचीत को एक मजेदार मोड़ दिया। दोनों के बीच की हल्की-फुल्की बातचीत ने दिलशाद को खुशी दी और वह नेल्सन के प्रति अपने भावनाओं को महसूस करने लगी। कहानी ने दिलशाद और नेल्सन के बीच की बढ़ती नजदीकी और जीत की बीमारी की गंभीरता को दिखाया। हिम स्पर्श 27 Vrajesh Shashikant Dave द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 16.3k 3.1k Downloads 9k Views Writen by Vrajesh Shashikant Dave Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “जीत, मेरा पर्स वहीं टेबल पर ही रह गया। मैं अभी लेकर आई, तुम गाड़ी निकालो।“ दिलशाद ने कहा। दिलशाद नेल्सन के कक्ष की तरफ दौड़ी, अंदर घुसी। “मेरा पर्स मैं भूल गयी थी।“ वह टेबल पर पड़ी पर्स की तरफ बढ़ी, वह पर्स उठाती तब तक नेल्सन ने उसे उठा लिया। “भूल गयी थी अथवा...?” नेल्सन दिलशाद की समीप गया। वह दिलशाद के अत्यंत समीप था। दिलशाद को उसका सामीप्य पसंद आया। वह मन ही मन चाहने लगी कि नेल्सन उसे स्पर्श करे किन्तु उसने स्वयं को रोका। “मेरा पर्स?“ दिलशाद ने पर्स लेने के लिए हाथ आगे Novels हिम स्पर्श जब बर्फ की एक युवती मरुभूमि में एक युवक से मिलती है तो .. तो जो घटनाएँ घटती है , वह क्या है युवती तस्वीर पत्रकार है तो युवक चित्रकार। दोनों के बीच... More Likes This रंक से राजा: साहस और आत्मविश्वास का खेल - 3 द्वारा Jai कुत्रिम बुद्धिमता - 1 द्वारा Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 द्वारा साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) द्वारा Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी