उपन्यास "लौट आओ दीपशिखा" के तीसरे अध्याय में, सुलोचना और यूसुफ़ खान के बीच उनकी बेटी की शादी के बारे में बातचीत होती है। सुलोचना सोचती है कि अगर वे अपनी शादी का निर्णय खुद ले सकते हैं, तो उनकी बेटी भी ऐसा क्यों नहीं कर सकती। यूसुफ़ खान अपनी शादी की यादों में खो जाते हैं, जब उन्होंने सुलोचना से चार दोस्तों की मौजूदगी में निकाह किया था और कैसे उन्होंने दोनों धर्मों का सम्मान करके शादी की थी। सुलोचना अपनी परंपराओं को निभा रही हैं, लेकिन यूसुफ़ खान के परिवार को यह सब पसंद नहीं है। यूसुफ़ खान अपनी बेटी की शादी को लेकर चिंतित हैं और सुलोचना उन्हें धैर्य रखने की सलाह देती हैं, यह कहते हुए कि उनकी बेटी दशहरे पर घर आएगी और तब इस विषय पर बात करना सही होगा। इस बीच, दीपशिखा और शेफाली स्टूडियो में काम कर रही हैं, दीपशिखा आदिवासी पेंटिंग्स और इब्न-ब-तूता पर काम करना चाहती हैं। कहानी में पारिवारिक संबंधों और परंपराओं के बीच संतुलन बनाने का प्रयास दिखाया गया है। लौट आओ दीपशिखा - 3 Santosh Srivastav द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 33.4k 5k Downloads 11.8k Views Writen by Santosh Srivastav Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुलोचना के चेहरे पर मुस्कुराहट देख वे परेशान हो उठे- “तुम मेरी बात कोतवज़्ज़ोनहीं दे रही हो ” “मैं सोच रही हूँ कि आख़िर है तो वो हमारी ही बेटी जब हमने अपनी शादी का फैसला खुदकिया तो वह क्यों नहीं कर सकती?” सुलोचना के याद दिलाने पे उन्हें अपनी शादी याद आ गई कैसे चार दोस्तोंकी उपस्थिति में उनका सुलोचना सेनिक़ाह हो गया था निक़ाह के समय उनका नाम बदलकरनिक़हत रखा गया था और सभी दंग रह गये थे जब सुलोचनाने निक़ाहनामेपर उर्दू लिपि में हस्ताक्षर किये थे फिर सुलोचना की मर्ज़ी के अनुसार यूसुफ़ ख़ाननेहिन्दू रीति से भी शादी की थी Novels लौट आओ दीपशिखा गुलमोहर के साये में स्थित वह खूबसूरत बंगला जो ‘गौतम शिखा कुटीर’ के नाम से मशहूर था और जो कभी रौनक से लबरेज़ हुआ करता था आज सन्नाटे की गिरफ़्त में है और... More Likes This नभवंशी - 1 द्वारा StickyK माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी