सुहानी एक बड़े परिवार की बेटी है, जहाँ प्रॉपर्टी के झगड़ों के कारण परिवार में बातचीत बंद है। वह अपने माता-पिता और छोटे भाई हैरी के साथ रहती है। सुहानी को पता चलता है कि उसकी बड़ी बहन इराही ने प्रेम विवाह कर लिया है, जिससे परिवार में और अधिक तनाव बढ़ गया है। सुहानी अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करती है और मासी के घर रहती है, लेकिन वहाँ के झगड़ों के कारण वह वापस अपने घर लौट आती है। वापस आने पर उसकी इराही के साथ अनबन खत्म हो जाती है और इसी दौरान उसकी रोहित से दोस्ती हो जाती है। सुहानी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है और रोहित के साथ नियमित रूप से मैसेजिंग करती है, जबकि रोहित की पत्नी प्रकृति इस बात से अनजान है। कॉलेज की परीक्षा के दौरान, सुहानी अपनी पढ़ाई में व्यस्त है और उसकी एक नई दोस्त तारीका भी बन गई है, जो शादीशुदा है। सुहानी और तारीका एक-दूसरे के घर आने-जाने लगते हैं। सुहानी की मां इराही की डिलीवरी के लिए गई हैं, जबकि उसके पिता ऑफिस में हैं और हैरी स्कूल में। इस बीच, सुहानी और तारीका एक साथ पढ़ाई करती हैं। परीक्षाओं के बाद सुहानी छुट्टियों का आनंद लेती है, लेकिन उसकी दोस्ती रोहित के साथ गुप्त रहती है। वह अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में रोहित से मैसेज के जरिए बात करती है। बेगुनाह गुनेहगार 4 Monika Verma द्वारा हिंदी लघुकथा 28k 3.2k Downloads 7.7k Views Writen by Monika Verma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अब तक हमने देखा कि सुहानी नाम की एक लड़की एक बड़े परिवार की बेटी है। जहाँ प्रॉपर्टी के पारिवारिक झगड़े की वजह से कोई किसी से बात नही करता। सब का एक दूसरे के घर मे आना जाना बंद है। सुहानी अपने मम्मी पापा और छोटे भाई हैरी के साथ रहती है। बाद में सुहानी को पता चलता है उसकी बड़ी बहन है इराही। जो किसी के प्यार में थी। सुहानी के पाप इसके खिलाफ थे। इराही ने भाग के शादी कर ली। सुहानी के सुहानी अपना ध्यान पढ़ाई पर लगा रही है। सुहानी पढ़ाई के लिए मासी के Novels बेगुनाह गुनेहगार सुहानी। एक प्यारी सी लड़की। जो अपने ख्यालो से इस दुनिया को देखती है, समझती है। जिसे संभव असंभव, मुमकिन नामुमकिन, मुश्किल आसान का फर्क समझ नही आता। जो क... More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी