कहानी "कार्तिकेय और गणेश" में बिलासपुर की शुभम सोसायटी का विवरण है, जो तेजी से विकसित हो रही है। इस सोसायटी में बड़े खेल के मैदान की कमी है, लेकिन बच्चों के खेलने के लिए एक छोटा बैडमिंटन कोर्ट है जहां वे फुटबॉल और क्रिकेट खेलते हैं। रणजीत सिंह के दो बच्चे हैं, जिनकी नानी अनुपमा सिंह उनके साथ रह रही हैं। अनुपमा सिंह एक सम्मानित महिला हैं, जो अपने गाँव में मेहमानों की सेवा करती थीं। उन्होंने अपने नातियों कार्तिकेय और गणेश के साथ समय बिताया और उन्हें अपने पुराने संस्कार दिए। उनका जीवन पति के निधन के बाद भी स्थिर और धैर्यपूर्ण रहा है। कहानी में पारिवारिक संबंधों और सामुदायिक जीवन की सुंदरता को दर्शाया गया है। कार्तिकेय और गणेश Arpan Kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 1.4k 2.4k Downloads 7.9k Views Writen by Arpan Kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गाँव से आई एक स्वाभिमानी नानी से दूर रहने वाले दो बच्चों के अंततः पश्चाताप में निखरकर बाहर आने की कहानी।यह कहानी बद्ए होते बच्चों में इमेज़-कांशसनेस की प्रवृत्ति को दिखलाती है। More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी