नव्या नाम की एक युवती कॉफी हाउस में बैठी है, जहाँ वह किसी के आने का इंतजार कर रही है। वह परेशान है और उसकी चिंता बढ़ती जा रही है। कहानी में उसकी भावनाओं और स्थिति को दर्शाया गया है, जो उस विशेष व्यक्ति का इंतजार कर रही है। स्वाभिमान - लघुकथा - 13 Archana Rai द्वारा हिंदी लघुकथा 3.9k 1.3k Downloads 4.7k Views Writen by Archana Rai Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण काॅफी हाउस में बैठी नव्या कॉफी का ऑर्डर कर किसी के आने का इंतजार कर रही थी। परेशान थी रह रह कर घर की समस्याएं ही जेहन में दस्तक दे रही थी। गिरवी पडा घर ..... बीमार पिता का अच्छे अस्पताल में इलाज ..... छोटे भाई का कॉलेज में एडमिशन ...और बहन के लिए दहेज की व्यवस्था ...। और भी कितनी ही जरूरतें , और अकेली वह कमाने वाली। और आज अचानक बाॅस का ये प्रस्ताव… More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी