प्रशांत दुबे एक भूत हैं, जो 1904 में 17 साल की उम्र में फांसी पर चढ़ गए थे। उन्होंने अपने बड़े भाई को बचाने के लिए खुद को दोषी ठहराया था। अब, 100 साल से अधिक समय बीत चुका है और उनकी एक पोती ही परिवार में है। एक रात, प्रशांत बस स्टॉप पर बैठा था जब एक काले कपड़े में एक महिला आई, जिसने अपना चेहरा ढका हुआ था। प्रशांत ने उसे भूतनी समझा, लेकिन वह एक सामान्य लड़की निकली। वह घर से भाग रही थी क्योंकि उसकी खाला उसके लिए एक लड़के से शादी करने की योजना बना रही थी। प्रशांत ने उसे सलाह दी कि उसे एक बार लड़के से मिलना चाहिए, यह सोचकर कि हो सकता है वह उसकी उम्मीदों से अलग हो। भूतवाले पतिपरमेश्वर Author Pawan Singh द्वारा हिंदी लघुकथा 11.4k 2.5k Downloads 8k Views Writen by Author Pawan Singh Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हेलो मेरा नाम प्रशांत दुबे है और मै एक भूत हु जी बिलकुल सही सुना आपने। वैसे तो हम काफी सीधे साधे भूत है लेकिन ज्यादा मिलनसार नहीं है इसलिए हम अपनी भूतिया मण्डली के साथ नहीं रहते। और वैसे भी कौन रहिएगा ऐसे लोगो के साथ जो न नहाते है और न अपने आप को साफ़ करके रखते है खून भी निकलता रहता है जिनके शरीर से हमे तो घिन आती है भैया हम ठहरे बनारसी पंडित। हम तो भूत बनने के बाद भी हमने नॉनवेज नहीं खाया और न ही नॉनवेज किया साफ़ सुथरा रखते है हम अपने More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी