"माया" एक प्रेम कहानी है जिसमें मुख्य पात्र माया और प्रणय हैं। माया, जो "भारत भूमि" समाचार पत्र की मुख्य संपादक है, एक साक्षात्कार के दौरान प्रणय से मिलती है। प्रणय की छवि ने माया को आकर्षित किया और उसने उसकी ओर ध्यान दिया। माया ने कई आवेदकों का साक्षात्कार लिया और प्रणय को सह संपादक के पद के लिए चुना। माया ने पत्रकारिता में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं और अपने करियर को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण उसने शादी का विचार कभी नहीं किया। उसके भीतर भावनाओं का ज्वार है, लेकिन वह अभी तक अकेली है। प्रणय से मिलने के बाद माया के मन में उसके प्रति एक आकर्षण जागता है, जिससे उसकी भावनाएं और भी जटिल हो जाती हैं। कहानी इस बात को दर्शाती है कि कैसे करियर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाना कठिन हो सकता है। माया एक प्रेम कहानी Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 34.4k 5.2k Downloads 20k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रणय ने दरवाजा खोलकर साक्षात्कार के लिए जैसे ही अंदर प्रवेश किया, माया उसको देखती ही रह गयी, छः फ़ुटा सांवला युवक प्रथम दृष्टि में ही माया को ऐसा भाया कि वह अपनी भावना के विमान पर सवार होकर उस युवक के संग कहीं दूर गगन में विचारने लगी More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी