नीलिमा अपनी सुबह की वॉक से लौटते समय एक व्यक्ति से मिलती है, जो उसे एक सौदे का प्रस्ताव देता है, लेकिन वह अनसुना कर देती है। घर पहुँचकर, वह अपनी कार के पास जाती है, जो उसके पति का अरमान थी। उनके पति ने वर्षों तक जिम्मेदारियों के बाद इस कार को खरीदा था। कार खरीदने के बाद, वे दोनों अक्सर घूमने जाते थे और मंदिर में जाकर गरीब बच्चों को प्रसाद भी खिलाते थे। एक दिन, नीलिमा के पति ने बर्ड सेंचुरी जाने का प्लान बनाया, लेकिन नीलिमा को चिंता थी कि क्या यह लंबी ड्राइव उनके लिए आसान होगी। उसके पति ने उसे आश्वस्त किया कि सब कुछ ठीक रहेगा। अरमान Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 6.5k 1.7k Downloads 5.8k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण उस युवक की बात सुन कर नीलिमा को दुविधा समाप्त हो गई। वह सेकेंड हैंड कार खरीदने नहीं आया था। बल्कि उसके पति के सपने को अपना अरमान बनाने आया था। नीलिमा ने उसे शादी के लिए शुभ कामनाएं देते हुए कहा। यह कार मेरे पति ने बहुत चाव से खरीदी थी। लेकिन अब यह तुम्हारा अरमान पूरा करेगी। मैं कार बेंचने को तैयार हूँ। More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी