कहानी "अधुरा" में सुदीप और अपर्णा की एक खूबसूरत प्रेम कहानी है। सुदीप, जो मुंबई से सांगली में एक बैंक में कार्यरत है, अपर्णा से मिलता है, जो वहां क्लार्क के पद पर काम कर रही है। उनका रिश्ता धीरे-धीरे दोस्ती से प्रेम में बदलता है। अपर्णा के घर बुलाने का मतलब है कि वह सुदीप के साथ जिंदगी बिताना चाहती है। सुदीप भी अपर्णा को पसंद करता है और अपने परिवार को उनके रिश्ते के बारे में बताता है। कहानी में सुदीप की उत्सुकता और खुशी का वर्णन है जब वह अपर्णा के घर जाने की तैयारी कर रहा है। यह एक सुंदर प्रेम कहानी है जो रिश्तों की गहराई और समझ को दर्शाती है। अकेला Vrishali Gotkhindikar द्वारा हिंदी लघुकथा 7.9k 3.9k Downloads 28.4k Views Writen by Vrishali Gotkhindikar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक सपना देखा था ,लगता था जिन्दगी खुशहाल होगी ..मगर जाने क्या हुआ देखते देखते सपना चूर चूर हो गया शायद भगवान् की मर्जी नही थी ,इसलिए ये अकेलापन आ गया More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी