यह कहानी विभिन्न भावनाओं और विचारों को व्यक्त करती है। 1. **सुकून**: इस कविता में एक व्यक्ति अपने रिश्तों की गर्माहट को याद करता है, जो एक पुराने प्यार से जुड़ी हुई है। वह फेसबुक पर अपने पूर्व साथी की प्रोफाइल देखकर अपने अकेलेपन और उसके चेहरे की झुर्रियों से उसके जीवन में बदलाव को महसूस करता है। 2. **माँ भारत**: यह कविता भारत माता के प्रति श्रद्धांजलि है, जो जीवन, खुशहाली और खेतों की हरियाली का प्रतीक है। कवि भारत के किसानों की मेहनत और ग्रामीण जीवन की सुंदरता का वर्णन करता है। 3. **अपनी धरती**: इस कविता में देश की प्राकृतिक सुंदरता, खुशियों और उसकी रक्षा के लिए संकल्प को व्यक्त किया गया है। कवि अपनी मातृभूमि के प्रति निष्ठा और बलिदान का भाव व्यक्त करता है। 4. **विश्वास**: यहाँ कवि विश्वास के टूटने के दर्द को दर्शाता है। वह मोह भंग और नफरत के परिणामस्वरूप उत्पन्न टीस और पछतावे को व्यक्त करता है। 5. **सूरज का दामन**: यह कविता स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करती है। कवि आज़ादी के दिन को पावन मानते हुए, जाति-धर्म के झगड़ों से मुक्त, एक समृद्ध और सुरक्षित भारत की कल्पना करता है। इन कविताओं के माध्यम से भावनाओं, मातृभूमि के प्रति प्रेम, विश्वास के टूटने की पीड़ा और स्वतंत्रता के महत्व को गहराई से व्यक्त किया गया है। पतझड़ - के फूल Mukteshwar Prasad Singh द्वारा हिंदी कविता 4k 5.2k Downloads 26k Views Writen by Mukteshwar Prasad Singh Category कविता पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुकून ---------- अरसे बाद देखकर सुकून मिला मानो पतझड़ में कोई फूल खिला। रिश्तों में अब भी वही गर्माहट संजो रखा है जहाँ से राह बदलकर तूने मुझे फेंका है । कहाँ मैं हूँ कहाँ तुम पर फेसबुक पर देखा है प्रोफाइल खोलकर तुझे छुआ परखा है बहुत खाली खाली सा लगा संक्षिप्त फेसबुक लेखा है। पर लगा जहाँ तुम छूटी थी अब भी वहीं है चेहरे की झुर्रियां कहती है सब ठीक ठाक नहीं है आखिर कौन सी राह फिर मुड़ गयी कि तुम्हारी रंगत उड़ More Likes This सादगी के स्वर : लेखिका गीता कुमारी - 1 द्वारा Geeta Kumari जिंदगी संघर्ष से सुकून तक कविताएं - 1 द्वारा Kuldeep Singh पर्यावरण पर गीत – हरा-भरा रखो ये जग सारा द्वारा Poonam Kumari My Shayari Book - 2 द्वारा Roshan baiplawat मेरे शब्द ( संग्रह ) द्वारा Apurv Adarsh स्याही के शब्द - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik अदृश्य त्याग अर्धांगिनी - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी