चिराग कुमार की किताब 'दूसरी दुनिया' का विमोचन हुआ, जहाँ पत्रकारों ने उससे सवाल पूछे। एक महिला पत्रकार ने पूछा कि यह दूसरी दुनिया क्या है, जिस पर चिराग ने बताया कि यह वह दुनिया है जो हमारे चारों ओर है लेकिन समाज द्वारा अनदेखी की जाती है, जैसे झोपड़पट्टियों में रहने वाले गरीब अनाथ बच्चे। चिराग ने कहा कि उसका व्यक्तिगत संबंध इस दुनिया से है क्योंकि वह भी उसी दुनिया से निकला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, कार में चलते समय एक बच्चा उससे भीख मांगने आया, जिससे चिराग को अपने अतीत की यादें ताज़ा हो गईं। उसने सोचा कि बहुत से बच्चे अभी भी उस दूसरी दुनिया में हैं और उनके लिए कोई मदद नहीं कर रहा। उसके मन में सवाल उठा कि जब कोई उसकी मदद करने आया था, तो क्या उसे भी उन बच्चों के लिए कुछ नहीं करना चाहिए? चिराग का दिल इस सवाल से परेशान था, क्योंकि उसकी पहचान भी एक भिखारिन के साथ भीख मांगने से जुड़ी थी, जिसने उसे सड़क पर पाया था। दूसरी दुनिया Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 13.9k 2k Downloads 11.1k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हमारे आस पास एक ऐसी दुनिया है जिसे देख कर भी हम नज़रअंदाज़ करते हैं। यह दुनिया है सड़क पर रहने वाले गरीब अनाथ बच्चों की। एक ऐसी दुनिया जहाँ बचपन भी जाने से कतराता है। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी