इस कहानी में बच्चों की दादी अपने पोते-पोतियों के साथ पान लगाकर उन्हें स्वर्ग के एक सुंदर बगीचे के बारे में बताती हैं। वह बताती हैं कि स्वर्ग के दरवाजे से बाहर एक बगीचा है, जहाँ नन्हें बच्चे फरिस्तों के साथ खेलते हैं और ज्ञान के पेड़-पौधे होते हैं। एक दिन, एक राक्षस ने इस ज्ञानोद्यान पर कब्जा कर लिया और उसने एक तख्ती पर लिखा 'राक्षस से सावधान'। हालांकि, सभी लोग इस तख्ती की परवाह नहीं करते। कहानी बच्चों की मासूमियत और दादी की कहानियों के जादू के इर्द-गिर्द घूमती है। बबूल के काँटे Bhupendra Kumar Dave द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 5k 3.7k Downloads 26.1k Views Writen by Bhupendra Kumar Dave Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण This is a children s story based on pure imagination of an old grand mother. She is trying to tell the children how the God intended to disign the human being and how a devil tried to interfere in the God s work. The God teaches the devil a good lesson. The story has an interesting end. More Likes This सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अंधविश्वास - अंधेरा नहीं, सोच बदलो - 1 द्वारा Kaushik dave टूटता हुआ मन - भाग 1 द्वारा prem chand hembram अदृश्य त्याग अर्द्धांगिनी - 3 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी