"सत्य हरिश्चन्द्र" कहानी में, पाप नामक पात्र चिंतित है कि राजा हरिश्चन्द्र की पुण्य शक्ति के कारण पूरी पृथ्वी पवित्र हो गई है, जिससे पापियों के लिए कहीं ठिकाना नहीं बचा। राजा हरिश्चन्द्र काशी गए हैं, जहाँ विश्वामित्र ने उन्हें बताया कि उन्होंने सारी पृथ्वी को दान में ले लिया है और अब कोई भी व्यक्ति कहीं भी अपने आप को नहीं बेच सकता। हरिश्चन्द्र ने निर्णय लिया कि वे काशी में अपना शरीर बेचेंगे, क्योंकि वहाँ शिव का त्रिशूल होने के कारण उन्हें सुरक्षा मिलेगी। पापी यह सोचकर काशी की ओर दौड़ते हैं, ताकि हरिश्चन्द्र के राज्य से बच सकें, लेकिन वहाँ धर्म और पूजा की गतिविधियाँ इतनी प्रबल हैं कि वे परेशान हो जाते हैं। अंत में, पाप एक भयावह आकृति को देखता है और अपने प्राणों की रक्षा के लिए भागने की सलाह देता है। सत्य हरिश्चन्द्र - 3 Bhartendu Harishchandra द्वारा हिंदी लघुकथा 1.8k 8.1k Downloads 25.7k Views Writen by Bhartendu Harishchandra Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण स्थान वाराणसी का बाहरी प्रान्त तालाब। (पाप1 आता है) पाप : (इधर उधर दौड़ता और हांफता हुआ) मरे रे मरे, जले रे जले, कहां जायं, सारी पृथ्वी तो हरिश्चन्द्र के पुन्य से ऐसी पवित्र हो रही है कि कहीं हम ठहर ही नहीं सकते। सुना है कि राजा हरिश्चन्द्र काशी गए हैं क्योंकि दक्षिणा के वास्ते विश्वामित्र ने कहा कि सारी पृथ्वी तो हमको तुमने दान दे दी है, इससे पृथ्वी में जितना धन है सब हमारा हो चुका और तुम पृथ्वी में कहीं भी अपने को बेचकर हमसे उरिन नहीं हो सकते। यह बात जब हरिश्चन्द्र ने सुनी तो बहुत ही घबड़ाए और सोच विचार कर कहा कि बहुत अच्छा महाराज हम काशी में अपना शरीर बेचेंगे क्योंकि शास्त्रों में लिखा है कि काशी पृथ्वी के बाहर शिव के त्रिशूल पर है। Novels सत्य हरिश्चन्द्र अथ सत्यहरिश्चन्द्र (मंगलाचरण) सत्यासक्त दयाल द्विज प्रिय अघ हर सुख कन्द। जनहित कमला तजन जय शिव नृप कवि हरिचन्द1 ।। 1 ।। (नान्दी के पीछे सूत्राधार2... More Likes This चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी