सत्य हरिश्चन्द्र - 3 Bhartendu Harishchandra द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

सत्य हरिश्चन्द्र - 3

Bhartendu Harishchandra मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

स्थान वाराणसी का बाहरी प्रान्त तालाब। (पाप1 आता है) पाप : (इधर उधर दौड़ता और हांफता हुआ) मरे रे मरे, जले रे जले, कहां जायं, सारी पृथ्वी तो हरिश्चन्द्र के पुन्य से ऐसी पवित्र हो रही है कि कहीं हम ...और पढ़े

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