इस कहानी में रमेश नामक एक युवक का जीवन और उसके प्रेम की कहानी है। रमेश को बचपन में रमा नाम की लड़की से गहरा प्रेम था, लेकिन जब वह उसे छोड़कर चला आया, तो उसकी जिंदगी नीरस हो गई। रमा के प्रति उसकी भावनाएँ इतनी गहरी थीं कि वह गाँव छोड़ने का विचार करने लगा। तभी एक घटना घटती है, जिसमें वीरपुर गाँव के कुछ मुसलमान किसान रमेश के पास आते हैं और बताते हैं कि उनके बच्चों को स्कूल में पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है, केवल उनके मुसलमान होने के कारण। रमेश इस अन्याय को सुनकर आश्चर्यचकित और क्रोधित होता है। वह किसानों से कहता है कि वह उनके साथ चलकर स्कूल में बच्चों का नामांकन करवाने की कोशिश करेगा। किसान उसे बताते हैं कि वे डरपोक नहीं हैं, लेकिन वे नहीं चाहते कि मामले को बढ़ावा मिले। वे एक अलग स्कूल खोलने की इच्छा रखते हैं, ताकि उनके बच्चे बिना डर के पढ़ सकें और इसके लिए उन्हें रमेश की मदद की आवश्यकता है। रमेश इस स्थिति से थक चुका है और बेकार की लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहता। कहानी में प्रेम, अन्याय, और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता की चर्चा की गई है। देहाती समाज - 12 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 4.9k 4.4k Downloads 11.1k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हालाँकि उस प्यार में कोई गंभीरता न थी - लड़कपन था, पर रमेश को रमा से अपने बचपन में अत्यंत गहरा प्रेम था, जिसकी गहराई का अनुभव सर्वप्रथम उन्होंने तारकेश्वर में किया था। पर उस शाम को रमेश अपने सारे लगाव तोड़कर रमा के घर से चला आया था, और तब से रमा के घर की दिशा भी उनको बालू की तरह नीरस और दहकती माया-सी जान पड़ने लगी। लेकिन उनकी आशा के विपरीत उनका सोना-जगना, खाना-पीना, उठना-बैठना, पढ़ना, काम-धंधा, सारा-का-सारा जीवन ही नीरस हो उठा था। तब उन्होंने अनुभव किया कि रमा ने उनके हृदय के कितने गहरे में स्थान बना लिया था। उसका मन अब गाँव से ही उचाट हो गया और वे गाँव छोड़ कर कहीं अन्यत्र जाने का विचार फिर करने लगे। लेकिन सहसा एक घटना हो गई, जिसने उनके उखड़े पैर फिर एक बार को जमा दिए। Novels देहाती समाज बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। वेणी बाबू ने उन्ह... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी