इस कहानी का केंद्र विषय देहाती समाज में मान-सम्मान, पारिवारिक संबंधों और द्वेष के जाल पर है। यह शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखी गई है और इसमें विश्वेश्वरी के अपमान की चर्चा है, जो उसके सुपुत्र के षड्यंत्र से हुआ है। विश्वेश्वरी के अपमान की खबर आस-पास के गाँवों में फैल गई, जिससे वेणी की हिम्मत जवाब दे गई। उन्होंने मौसी को बुलाकर विश्वेश्वरी की स्थिति को समझाया लेकिन खुद उनके मन में चिंता थी कि इस अपमान का उत्तर देने पर उनके पुत्र की पोल खुल जाएगी। रमेश, जो इस अपमान को जानता है, वेणी की नीचता पर गुस्से में है लेकिन अपनी ताई जी के अपमान के कारण वह कुछ नहीं कर पाता। वह रमा के प्रति अपने भावनाओं में बदलाव महसूस करता है, जो पहले सकारात्मक थीं, लेकिन अब अपमान की वजह से नकारात्मक हो गई हैं। कहानी में जायदाद और संबंधों की जटिलताएँ भी देखी जाती हैं, जहाँ मुखर्जी और घोषाल परिवारों के बीच साझा संपत्ति का उल्लेख है। यह सब एक गहरे सामाजिक और पारिवारिक तनाव को दर्शाता है। देहाती समाज - 6 Sarat Chandra Chattopadhyay द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 5.9k 3.6k Downloads 11.7k Views Writen by Sarat Chandra Chattopadhyay Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण श्राद्धवाले दिन विश्वेश्वरी के व्यवहार की चर्चा, आस-पास के दस-पाँच गाँव तक में फैल गई। वेणी की हिम्मत नहीं थी कि उसके लिए वह उनसे कुछ कहे। तभी वह जा कर मौसी को बुला लाया और वास्तव में उन्होंने विश्वेश्वरी को वह खरी-खोटी सुनाई, कि जिस तरह सुना जाता है कि पहले कभी तक्षक नाग ने अपना एक दाँत गड़ाकर ही, पीपल के पेड़ को जला कर राख कर दिया था उसी तरह उनका शरीर जल कर राख तो नहीं हुआ, पर उसकी जलन से वे तिलमिला जरूर गईं। उन्होंने समझ तो लिया कि उनके सुपुत्र के ही षडयंत्र से उनका यह अपमान हुआ है, तभी उसका खयाल कर, उसे चुपचाप पी गईं, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर उन्होंने किसी भी बात का उत्तर दिया, तो पुत्र की पोल खुल जाएगी और रमेश भी उसे सुनेगा। इस विचार-मात्र ने ही उन्हें शर्म से पानी-पानी कर दिया था। Novels देहाती समाज बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। वेणी बाबू ने उन्ह... More Likes This I’m Not Fake, I’m Real - CHAPTER 1 द्वारा TEGICMATION किडनी का तोह्फ़ा - 1 द्वारा S Sinha वो आखिरी मुलाकात - 1 द्वारा veerraghawan Beyond the Pages - 1 द्वारा cat रूहों का सौदा - 1 द्वारा mamta लाल पत्थर का राज - भाग 1 द्वारा Anil singh जागती परछाई - 3 द्वारा Shivani Paswan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी