कहानी का सारांश इस प्रकार है: यह अध्याय शेख सादी और उनके योगदान को गज़ल कविता में समर्पित है। गज़ल फारसी कविता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शृंगार के साथ-साथ भक्ति, बैराग्य और संसार की असारता जैसे विभिन्न रसों का वर्णन करती है। सादी ने गज़लों में गूढ़ भावनाओं और रहस्यों को प्रस्तुत किया, जिससे गज़लें क़सीदे और मसनवी से अधिक लोकप्रिय हो गईं। उन्होंने अपनी गज़लों में सरलता और वाक्य कौशल का अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया, जिससे उनकी काव्य रचना की शक्ति स्पष्ट होती है। सादी के पूर्वकालीन कवियों ने गज़लें तो लिखी थीं, लेकिन उनके भावों में गहराई का अभाव था। सादी ने गज़ल को एक नई पहचान दी। उनके गज़लों में गहरा भाव और अनूठा वर्णन होता है, जो सुनने वालों को मोहित करता है। अनवरी का एक शेर भी प्रस्तुत किया गया है, जो प्रेम की पीड़ा को दर्शाता है, यद्यपि इसमें शिकायत नहीं की गई है। कुल मिलाकर, शेख सादी ने गज़ल को एक नया बुनियादी स्वरूप दिया, जो आज भी महत्वपूर्ण माना जाता है। शेख़ सादी - 10 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.7k 3k Downloads 8.9k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ग़जल फारसी कविता का प्रधान अंग है । कोई कवि, जब तक वह गज़ल कहने में निपुर्ण न हो। गज़लें समाज में आदर का स्थान नहीं पाता। यों तो गज़ल शृंगार का विषय है, किन्तु कवियों ने इसके द्वारा सभी रसों का वर्णन किया है, जिसमें भक्ति, बैराग्य, संसार की असारता आदि विषय बड़े महत्तव के हैं। गज़लों के संग्रह को फ़ारसी में दीवान कहते हैं। सादी की सम्पूर्ण गज़लों के चार दीवान हैं, जिनके नाम लिखने की कोई ज़रूरत नहीं मालूम होती। इन चारों दीवानों में कोई तो युवाकाल में, कोई प्रौढ़ावस्था में लिखा गया है किन्तु उनमें कहीं भाव का वह अन्तर नहीं पाया जाता जो बहुधा भिन्न-भिन्न अवस्था की कविताओं में मिला करता है। उनकी सभी गज़लें सरलता और वाक्य निपुणता में समतुल्य हैं। और यह कवि की रचना-शक्ति का बहुत बड़ा प्रमाण है। Novels शेख़ सादी शेख़ मुसलहुद्दीन (उपनाम सादी) का जन्म सन् 1172 ई. में शीराज़ नगर के पास एक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और दादा का नाम शरफुद्दीन था। &... More Likes This THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी