आजाद-कथा - खंड 2 - 91 Munshi Premchand द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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आजाद-कथा - खंड 2 - 91

Munshi Premchand मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी

जब रात को सब लो खा-पी कर लेटे, तो नवाब साहब ने दोनों बंगालियों को बुलाया और बोले - खुदा ने आप दोनों साहबों को बहुत बचाया, वरना शेरनी खा जाती। बोस - हम डरता नहीं थ, हम शाला ईश ...और पढ़े


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