इस कहानी में दो औरतें, फिरोजा और फारखुंदा, एक पुराने और सुनसान गाँव में रहने आ जाती हैं। गाँव में कुल डेढ़ हजार घर हैं, लेकिन वहाँ केवल दो ठाकुरों के मकान ही आलीशान हैं। फिरोजा की उम्र कम है और उसकी बातचीत में एक उदासी दिखाई देती है, जबकि फारखुंदा खुशमिजाज है। गाँव वाले यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि ये दोनों औरतें बिना किसी पुरुष के यहाँ कैसे आईं। एक दिन, गाँव में एक कांस्टेबिल आता है और स्थानीय दुकानदार से शक्कर मांगता है। दुकानदार बताता है कि उसके पास शक्कर नहीं, बल्कि गुड़ है। गुस्से में कांस्टेबिल दुकानदार को गालियाँ देता है और उसे मारता है। इसके बाद, वह दुकान से शक्कर और काली मिर्च लेकर कुएँ के पास लेट जाता है और वहाँ पर एक चादर बिछाता है। जब एक महिला पानी भरने आती है, तो वह उसे डाँटता है। गाँव के लोग उसकी बातों पर मज़ाक उड़ाते हैं और उसकी हरकतों का मज़ाक बनाते हैं। एक ठाकुर यह सुझाव देता है कि कांस्टेबिल को एक अर्जी दें ताकि उसकी स्थिति और खराब हो जाए। कहानी में गाँव के लोग और उनकी प्रतिक्रियाएँ इस बात को दर्शाती हैं कि वे नए लोगों के प्रति कितने जिज्ञासु और आलोचनात्मक हैं। आजाद-कथा - खंड 2 - 85 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3k Downloads 8.6k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण एक पुरानी, मगर उजाड़ बस्ती में कुछ दिनों से दो औरतों ने रहना शुरू किया है। एक का नाम फिरोजा है, दूसरी का फारखुंदा। इस गाँव में कोई डेढ़ हजार घर आबाद होंगे, मगर उन सब में दो ठाकुरों के मकान आलीशान थे। फिरोजा का मकान छोटा था, मगर बहुत खुशनुमा। वह जवान औरत थी, कपड़ेलत्ते भी साफ-सुथरे पहनती थी, लेकिन उसकी बातचीत से उदासी पाई जाती थी। फरखुंदा इतनी हसीन तो न थी, मगर खुशमिजाज थी। गाँववालों को हैरत थी कि यह दोनों औरतें इस गाँव में कैसे आ गईं और कोई मर्द भी साथ नहीं! उनके बारे में लोग तरह-तरह की बातें किया करते थे। गाँव की सिर्फ दो औरतें उनके पास जाती थीं, एक तंबोलिन, दूसरी बेलदारिन। यार लोग टोह में थे कि यहाँ का कुछ भेद खुले, मगर कुछ पता न चलता था। तंबोलिन और बेलदारिन से पूछते थे तो वह भी आँय-बाँय-साँय उड़ा देती थीं। Novels आजाद-कथा - खंड 2 मियाँ शहसवार का दिल दुनिया से तो गिर गया था, मगर जोगिन की उठती जवानी देख कर धुन समाई कि इसको निकाह में लावें। उधर जोगिन ने ठान ली थी कि उम्र भर शादी न... More Likes This खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अनाथ - अध्याय 1 द्वारा Dev Kumar Rawat गायब - एक रात की कहानी - 1 द्वारा Patel Lay Starseeds - Part 1 द्वारा vyomatara अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी