इस कहानी में खोजी एक मुश्किल परिस्थिति में फंस जाते हैं जब वे पानी में उलझ जाते हैं, लेकिन तुर्कों द्वारा उनकी सहायता की जाती है। जब वे होश में आते हैं, तो वे अपने साहसिक कामों का बखान करते हुए आजाद को एक खत लिखने का निर्णय लेते हैं। उन्होंने सुना था कि अगर किसी को खत भेजना हो और पता न मिले, तो उसे दरिया में डालने से वह अपने आप पहुंच जाएगा। खोजी अपने पत्र को दरिया में डाल देते हैं, जिसमें वे अपनी बहादुरी का वर्णन करते हैं। रात का समय होता है और अचानक युद्ध की तैयारी की आवाजें सुनाई देती हैं। तुर्की और रूसी फौजें आमने-सामने होती हैं। खोजी डरते हैं लेकिन अपनी उमंग दिखाते हैं और दरिया से चुनौती देते हैं। युद्ध की तैयारियों के बीच, तुर्की फौज द्वारा पुल बनाने का आदेश दिया जाता है। खोजी एक रिपोर्ट लाते हैं जिसमें वे बताते हैं कि रूसी फौजें दूर हैं। इस प्रकार, कहानी में युद्ध की स्थिति और खोजी की साहसिकता को दर्शाया गया है। आजाद-कथा - खंड 2 - 77 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.9k Downloads 9.2k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जिस वक्त खोजी ने पहला गोता खाया तो ऐसे उलझे कि उभरना मुश्किल हो गया। मगर थोड़ी ही देर में तुर्कों ने गोते लगा कर इन्हें ढूँढ़ निकाला। आप किसी कदर पानी पी गए थे। बहुत देर तक तो होश ही ठिकाने न थे। जब जरा होश आया तो सबको एक सिरे से गालियाँ देना शुरू कीं। सोचे कि दो-एक रोज में जरा टाँठा हो लूँ तो इनसे खूब समझूँ। डेरे पर आ कर आजाद के नाम खत लिखने लगे। उनसे एक आदमी ने कह दिया था कि अगर किसी आदमी के नाम खत भेजना हो और पता न मिलता हो तो खत को पत्तों में लपेट दरिया कि किनारे खड़ा हो और तीन बार 'भेजो-भेजो' कह कर खत को दरिया में डाल दे, खत आप ही आप पहुँच जायगा। खोजी के दिल में यह बात बैठ गई। आजाद के नाम एक खत लिख कर दरिया में डाल आए। उस खत में आपने बहादुरी के कामों की खूब डींगे मारी थीं। Novels आजाद-कथा - खंड 2 मियाँ शहसवार का दिल दुनिया से तो गिर गया था, मगर जोगिन की उठती जवानी देख कर धुन समाई कि इसको निकाह में लावें। उधर जोगिन ने ठान ली थी कि उम्र भर शादी न... More Likes This Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी