कहानी "आजाद-कथा" के इस अंश में आजाद का एक महत्वपूर्ण मुकाबला पेश किया गया है। दूसरे दिन आजाद का सामना एक रूसी महिला योद्धा से था, जिसके साथ वह युद्ध कर रहा था। रातभर नींद ना आने के बाद, आजाद सुबह युद्ध के मैदान पर निकलता है, जहां दोनों सेनाएं आमने-सामने खड़ी हैं। वह एक सुंदर महिला को देखता है, जो युद्ध में अपने सैनिकों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है, और उसकी खूबसूरती उसे मंत्रमुग्ध कर देती है। महिला ने आजाद को देखा और उसे एक शेर सुनाया, फिर वह उस पर हमला करने के लिए झुकी। आजाद ने उसकी तलवार को चूमा और उसे रोक दिया, जिससे तुर्कों ने खुशी से नारे लगाए। महिला ने बार-बार वार किया, लेकिन आजाद ने चतुराई से खुद को बचाया। वह उसे चोट नहीं पहुंचाना चाहता था, फिर भी उसने अपनी रक्षा की। अंततः, महिला का एक शक्तिशाली वार आजाद के हाथ से बच गया, लेकिन उसकी तलवार की धार ने उसकी गरदन काट दी। आजाद ने तुरंत कूदकर उसकी मदद करने का प्रयास किया। यह मुकाबला न केवल शौर्य का प्रतीक है, बल्कि आजाद की मनोदशा और भावनाओं को भी दर्शाता है, जो प्यार और सम्मान के साथ युद्ध में लिप्त है। आजाद-कथा - खंड 2 - 69 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.7k Downloads 9.5k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दूसरे दिन आजाद का उस रूसी नाजनीन से मुकाबिला था। आजाद को रातभर नींद नहीं आई। सवेरे उठ कर बाहर आए तो देखा कि दोनों तरफ की फौजें आमने-सामने खड़ी हैं और दोनों तरफ से तोपें चल रही हैं। खोजी दूर से एक ऊँचे दरख्त की शाख पर बैठे लड़ाई का रंग देख रहे थे और चिल्ला रहे थे, होशियार, होशियार! यारों, कुछ खबर भी है? हाय! इस वक्त अगर तोड़ेदार बंदूक होती तो परे के परे साफ कर देता। इतने में आजाद पाशा ने देखा कि रूसी फौज के सामने एक हसीना कमर में तलवार लटकाए, हाथ में नेजा लिए, घोड़े पर शान से बैठी सिपाहियों को आगे बढ़ने के लिए ललकार रही है। आजाद की उस पर निगाह पड़ी तो दिल में सोचे, खुदा इसे बुरी नजर से बचाए। यह तो इस काबिल है कि इसकी पूजा करे। यह, और मैदान जंग! हाय-हाय, ऐसा न हो कि उस पर किसी का हाथ पड़ जाय। गजब की चीज है यह हुस्न, इंसान लाख चाहता है, मगर दिल खिंच ही जाता है, तबीयत आ ही जाती है। Novels आजाद-कथा - खंड 2 मियाँ शहसवार का दिल दुनिया से तो गिर गया था, मगर जोगिन की उठती जवानी देख कर धुन समाई कि इसको निकाह में लावें। उधर जोगिन ने ठान ली थी कि उम्र भर शादी न... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी