इस कहानी में हुस्नआरा और बहारबेगम के बीच बातचीत होती है। हुस्नआरा सुबह-सुबह सिंगार की आदत पर तंज करती है और कहती है कि बहारबेगम को केवल सजने-संवरने में ही दिलचस्पी है। बहारबेगम इस पर चिढ़कर जवाब देती है कि वे उठकर कहीं और चली जाएंगी। बातचीत में वे एक-दूसरे की सुंदरता की तारीफ भी करती हैं और यह भी कहती हैं कि उन्हें सजने-संवरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका सौंदर्य खुदा की दी हुई है। सिपहआरा भी इस चर्चा में शामिल होती है और हुस्नआरा की सुंदरता की तुलना चाँद के टुकड़े से करती है। अंत में, रूहअफजा यह स्वीकार करती है कि हुस्नआरा सबसे खूबसूरत हैं। कहानी में हास्य और आत्म-व्यंग्य का मिश्रण है, जो पात्रों की आपसी बातचीत से उभरता है। आजाद-कथा - खंड 1 - 46 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 2.3k Downloads 8.4k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सवेरे हुस्नआरा तो कुछ पढ़ने लगी और बहारबेगम ने सिंगारदान मँगा कर निखरना शुरू किया। हुस्नआरा - बस, सुबह तो सिंगार, शाम तो सिंगार। कंघी-चोटी, तेल-फुलेल। इसके सिवा तुम्हें और किसी चीज से वास्ता नहीं। रूहअफजा सच कहती हैं कि तुम्हें इसका रोग है। बहारबेगम - चलो, फिर तुम्हें क्या? तुम्हारी बातों में खयाल बँट गया, माँग टेढ़ी हो गई। हुस्नआरा - है-है! गजब हो गया। यहाँ तो दूल्हा भाई भी नहीं हैं! आखिर यह निखार दिखाओगी किसे? बहारबेगम - हम उठ कर चले जायँगे। तुम छेड़ती जाती हो और यह मुआ छपका सीधा नहीं रहता। हुस्नआरा - अब तक माँग का खयाल था, अब छपके का खयाल है। बहारबेगम - अच्छा, एक दिन हम तुम्हारा सिंगार कर दें, खुदा की कसम वह जोबन आ जाय कि जिसका हक है। Novels आजाद-कथा - खंड 1 मियाँ आजाद के बारे में, हम इतना ही जानते हैं कि वह आजाद थे। उनके खानदान का पता नहीं, गाँव-घर का पता नहीं खयाल आजाद, रंग-ढंग आजाद, लिबास आजाद दिल आजाद... More Likes This The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty सिंघनी माता का रहस्य - अध्याय 4 द्वारा Abhijeet Nayan मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet The Deathless and His Shadow - 1 द्वारा Dewy Rose अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी