इस कहानी में मियाँ आजाद और उनके साथी मिरजा साहब जहाज की चिंता में हैं। इस बीच, खोजी नाम का एक व्यक्ति अफीम का सेवन करके बेहोश हो जाता है। जैनब, जो एक लौंडी है, खोजी की स्थिति देखकर मजेदार स्थिति बनाने के लिए बेगम को बताती है। बेगम मजाक में जैनब को कहती हैं कि वह खोजी की नाक में चुटकी मिर्च डाल दे। जैनब यह करती है और खोजी छींकने लगता है, जिससे हास्यप्रद स्थिति उत्पन्न होती है। खोजी की छींकें इतनी जोरदार होती हैं कि पास में एक व्यक्ति नौकरी के लिए जा रहा होता है और उसकी छींक से परेशान होकर वह वापस चला जाता है। कहानी में मियाँ-बीवी खोजी को कोसते हैं और हंसते हैं, जबकि जैनब चारपाई के नीचे छिपी रहती है। अंत में, खोजी खुद को संभालने की कोशिश करता है और अपनी स्थिति पर हंसते हुए जैनब की शरारत को याद करता है। यह कहानी हास्य और सामाजिक स्थिति के माध्यम से मजेदार मोड़ प्रस्तुत करती है। आजाद-कथा - खंड 1 - 36 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.3k Downloads 7.9k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मियाँ आजाद मिरजा साहब के साथ जहाज की फिक्र में गए। इधर खोजी ने अफीम की चुस्की लगाई और पलंग पर दराज हुए। जैनब लौंडी जो बाहर आई, तो हजरत को पिनक में देख कर खूब खिलखिलाई और बेगम से जाकर बोली - बीबी, जरी परदे के पास आइए, तो लोट-लोट जाइए। मुआ खोजी अफीम खाए औंधे मुँह पड़ा हुआ है। जरी आइए तो सही। बेगम ने परदे के पास से झाँका तो उनको एक दिल्लगी सूझी। झप से एक बत्ती बनाई और जैनब से कहा कि ले, चुपके से इनकी नाक में बत्ती कर। जैनब एक ही शरीर बिस की गाँठ। वह जा कर बत्ती में तीता मिर्च लगा लाई और खोजी की खटिया के नीचे घुस कर मियाँ खोजी की नाक में आधी बत्ती दाखिल ही तो कर दी। उफ! इस वक्त मारे हँसी के लिखा नहीं जाता। Novels आजाद-कथा - खंड 1 मियाँ आजाद के बारे में, हम इतना ही जानते हैं कि वह आजाद थे। उनके खानदान का पता नहीं, गाँव-घर का पता नहीं खयाल आजाद, रंग-ढंग आजाद, लिबास आजाद दिल आजाद... More Likes This BEYOND THE MISSION Mishaal Vanya - 2 द्वारा insha कुत्रिम बुद्धिमता - 1 द्वारा Ramesh Desai The Legend Of Divyanshi - 1 द्वारा साहिल कैंथला अनकहा सच ( भाग - 1) द्वारा Vishakha Pareek कुदरत का कानून..- 2 द्वारा shilpi वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी