इस कहानी में आजाद नामक एक पात्र की सुबह की शुरुआत होती है जब वह एक फकीर और एक लड़के को अपने पास खड़ा पाता है। फकीर उसे बताता है कि उसे इनाम मिला है और आजाद, जो थोड़ी चौंक जाता है, अलारक्खी की दुलाई उसे दे देता है। इसके बाद, लड़का आजाद से कुछ पैसे मांगता है, और आजाद एक रुपया उसे देता है। अलारक्खी, जो आजाद की पत्नी है, इस पर प्रतिक्रिया देती हैं और निकाह की तैयारियों के बारे में सवाल उठाती हैं। आजाद इस पर हंसते हैं और उसे भोली मानते हैं। अलारक्खी कहती हैं कि अगर आजाद शादी से मुकरते हैं, तो वह अदालत जाएंगी। कहानी में चंडूबाज नामक एक मजेदार पात्र भी है, जो इस स्थिति पर टिप्पणियाँ करता है और आजाद को चेतावनी देता है कि वह गवाहों का ध्यान रखें। यह संवाद हास्य और विडंबना से भरा है, जिसमें पात्रों के बीच की बातचीत से उनकी रिश्तों की जटिलता और सामाजिक मानदंडों का चित्रण होता है। आजाद-कथा - खंड 1 - 20 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.8k Downloads 9.3k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दूसरे दिन सवेरे आजाद की आँख खुली तो देखा, एक शाह जी उनके सिरहाने खड़े उनकी तरफ देख रहे हैं। शाह जी के साथ एक लड़का भी है, जो अलारक्खी को दुआएँ दे रहा है। आजाद ने समझा, कोई फकीर है, झठ उठ कर उनको सलाम किया। फकीर ने मुसकिरा कर कहा - हुजूर, मेरा इनाम हुआ। सच कहिएगा, ऐसे बहुरूपिए कम देखे होंगे। आजाद ने देखा गच्चा खा गए, अब बिना इनाम दिए गला न छूटेगा। बस, अलारक्खी की भड़कीली दुलाई उठाकर दे दी। बहुरूपिए ने दुलाई ली, झुक कर सलाम किया और लंबा हुआ। लौंडे ने देखा कि मैं ही रहा जाता हूँ। बढ़ कर आजाद का दामन पकड़ा। हुजूर, हमें कुछ भी नहीं? आजाद ने जेब से एक रुपया निकाल कर फेंक दिया। तब अलारक्खी चमक कर आगे बढ़ीं और बोलीं - हमें? Novels आजाद-कथा - खंड 1 मियाँ आजाद के बारे में, हम इतना ही जानते हैं कि वह आजाद थे। उनके खानदान का पता नहीं, गाँव-घर का पता नहीं खयाल आजाद, रंग-ढंग आजाद, लिबास आजाद दिल आजाद... More Likes This विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1 द्वारा KahaniCraft वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1 द्वारा Krayunastra THE PIANO MEN - 1 द्वारा rajan चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी