कहानी "रेत पर लिखा" में सुनयना एक छोटे कमरे में बुखार से तप रही है। रोशन, जो उसका देखभाल करने वाला है, डॉक्टर को बुलाता है और सुनयना के जल्दी ठीक होने की गुहार करता है, क्योंकि एक अमीर लड़के ने उसे रात भर के लिए चुन लिया है और इसके लिए पैसे दिए हैं। रोशन बताता है कि वह सुनयना को पहले से ही खरीद चुका है और अब उसे काम पर लगाना चाहता है। सुनयना बुखार के कारण जाने से मना करती है, लेकिन रोशन उसे धमकी देता है कि अगर वह नहीं गई, तो उसे जबरदस्ती भेजा जाएगा। कहानी सुनयना की दयनीय स्थिति और उसके खिलाफ हो रहे अन्याय को दर्शाती है, जिसमें उसे अपनी इच्छाओं और स्वास्थ्य की परवाह किए बिना काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। रेत पर लिखा Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 39.6k 1.6k Downloads 9.7k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुनयना बोली, सेठ जी मैं जानती हूँ , कोई भी सम्मानित व्यक्ति हम जैसी औरतों से संबंध बस उतना ही रखना चाहता है जितना कि समुद्र किनारे रेत पर कोई प्यार भरे ऐसे शब्द लिख दे जिसे पढ़कर हमारा मन प्रसन्न हो जाए लेकिन अगले ही पल समुद्र की लहर आकर रेत पर लिखे प्यार को मिटा कर चली जाए। More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी