यह कहानी आजाद नामक एक व्यक्ति की है, जो एक दिन एक पुराने गड्ढे के पास एक वृद्ध व्यक्ति को देखता है, जो गड्ढे की लहरों का मजा ले रहा है। वृद्ध व्यक्ति और आसपास के बच्चे उसे देखकर तालियाँ बजा रहे हैं। आजाद सोचता है कि वह व्यक्ति पागल है, लेकिन वह केवल गड्ढे की लहरों में मग्न है। आजाद और बच्चे उसके पास आकर इमली के पेड़ पर चढ़ जाते हैं और इमली खाते हैं। बच्चे उसे "कंजूस" कहकर चिढ़ाते हैं क्योंकि वह उन्हें इमली नहीं फेंकता। उसी समय, हाथियों का झुंड आता है और बच्चे उनकी ओर बुलाते हैं। फिर, एक रीछ वाला वहां आता है और आजाद रीछ की गर्दन पकड़कर उसके साथ खेलता है। बच्चे उसके इर्द-गिर्द बैठ जाते हैं और रीछ से कुश्ती करने लगते हैं। रीछवाला चिल्लाता है कि यह खतरनाक है, लेकिन आजाद और बच्चे मस्ती में लगे रहते हैं। अंततः, रीछ डरकर भाग जाता है और बच्चे हंसते हैं। कहानी में मस्ती, खेल और बच्चों की चंचलता का चित्रण किया गया है। आजाद-कथा - खंड 1 - 15 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 1.2k 3.3k Downloads 9.9k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मियाँ आजाद एक दिन चले जाते थे। क्या देखते हैं, एक पुरानी-धुरानी गड़हिया के किनारे एक दढ़ियल बैठे काई की कैफियत देख रहे हैं।कभी ढेला उठाकर फेंका, छप। बुड्ढे आदमी और लौंडे बने जाते हैं। दाढ़ी का भी खयाल नहीं। लुत्फ यह कि मुहल्ले भर के लौंडे इर्द-गिर्द खड़े तालियाँ बजा रहे हैं, लेकिन आप गड़हिया की लहरों ही पर लट्टू हैं। कमर झुकाए चारों तरफ ढेले और ठीकरे ढूँढ़ते फिरते हैं। एक दफा कई ढेले उठा कर फेंके। आजाद ने सोचा, कोई पागल है क्या। साफ-सुथरे कपड़े पहने, यह उम्र, यह वजा, और किस मजे से गड़हिया पर बैठे रँगरलियाँ मना रहे हैं। यह खबर नहीं कि गाँव भर के लौंडे पीछे तालियाँ बजा रहे हें। एक लौंडे ने चपत जमाने के लिए हाथ उठाया, मगर हाथ खींच लिया। दूसरे ने पेड़ की आड़ से कंकड़ी लगाई। Novels आजाद-कथा - खंड 1 मियाँ आजाद के बारे में, हम इतना ही जानते हैं कि वह आजाद थे। उनके खानदान का पता नहीं, गाँव-घर का पता नहीं खयाल आजाद, रंग-ढंग आजाद, लिबास आजाद दिल आजाद... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी