इस कहानी में 'मियाँ आजाद' और उनके दोस्त की एक सुबह की सैर का वर्णन किया गया है। वे बस्ती के बाहर एक खूबसूरत बँगले के पास पहुँचते हैं, जहाँ सब कुछ साफ-सुथरा और सजीव है। वहाँ एक साहब और उनकी मेम साहबा आराम कर रहे हैं, और आजाद उनके जीवन के सुख-दुख पर टिप्पणी करते हैं। उनकी सैर में उन्हें कई छोटे-छोटे बच्चों को दिखते हैं, जो खुशी-खुशी खेल रहे हैं। आजाद अपने दोस्त से कहता है कि देखो, इस तरह बच्चों की परवरिश होती है। जैसे-जैसे वे आगे बढ़ते हैं, वे बड़े-बड़े व्यापारियों के आलीशान घरों और एक पुस्तकालय को देखते हैं, जो ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक है। हालांकि, जब वे बस्ती में लौटते हैं, तो उन्हें एक अमीर आदमी के घर के बाहर कुछ लड़के दिखाई देते हैं, जो भले दिखते हैं लेकिन उनकी हालत खराब है। यह विपरीतता आजाद को सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में कितनी असमानता है। कहानी इस अंतर को उजागर करती है कि कैसे कुछ लोग समृद्धि का जीवन जीते हैं जबकि अन्य बहुत संघर्ष करते हैं। आजाद-कथा - खंड 1 - 13 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3k Downloads 7.4k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण इधर शिवाले का घंटा बजा ठनाठन, उधर दो नाकों से सुबह की तोप दगी दनादन। मियाँ आजाद अपने एक दोस्त के साथ सैर करते हुए बस्ती के बाहर जा पहुँचे। क्या देखते हैं, एक बेल-बूटों से सजा हुआ बँगला है। अहाता साफ, कहीं गंदगी का नाम नहीं। फूलों-फलों से लदे हुए दरख्त खड़े झूम रहे हें। दरवाजों पर चिकें पड़ी हुई हैं। बरामदे में एक साहब कुर्सी पर बैठे हुए हैं, और उनके करीब दूसरी कुर्सी पर उनकी मेम साहबा बिराज रही हैं। चारों तरफ सन्नाटा छाया हुआ है। न कहीं शोर, न कहीं गुल। आजाद ने कहा - जिंदगी का मजा तो ये लोग उठाते हैं। Novels आजाद-कथा - खंड 1 मियाँ आजाद के बारे में, हम इतना ही जानते हैं कि वह आजाद थे। उनके खानदान का पता नहीं, गाँव-घर का पता नहीं खयाल आजाद, रंग-ढंग आजाद, लिबास आजाद दिल आजाद... More Likes This Oyy Mr. Vampire - 1 द्वारा kusum kumari बारह बरश का इंतज़ार - 2 द्वारा kusum kumari Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी