कहानी "आजाद-कथा" के इस भाग में, नवाब साहब के दरबार में आजाद की प्रतिष्ठा बढ़ती जा रही है। वह नवाब के साथ भोजन कर रहा है और उसके आदेशों का तुरंत पालन किया जा रहा है। दरबार में कुछ लोग आजाद की पहलवानी और ज्ञान पर सवाल उठा रहे हैं, यह कहते हुए कि वह केवल शारीरिक कौशल जानता है और शैक्षिक रूप से कमजोर है। एक दिन, दरबार में एक आलिम का जिक्र होता है जो तर्क के माध्यम से झूठ को सच साबित करने का दावा करता है और खुदा को नहीं मानता। आजाद को आलिम से बहस करने के लिए कहा जाता है, और वह इस चुनौती को स्वीकार करता है। आलिम की आगमन पर, दरबार में बड़ी भीड़ जमा हो जाती है। आलिम आजाद को उसकी शारीरिक बनावट के आधार पर चुनौती देता है, यह कहकर कि वह तर्क में कमजोर है। आजाद तुरंत जवाब देता है कि उसे केवल सवाल का उत्तर देने के लिए तैयार है, बिना किसी पूर्वाग्रह के। यह भाग आजाद के आत्मविश्वास और उसके तर्क करने की क्षमता को उजागर करता है, और दर्शाता है कि वह अपनी क्षमताओं को साबित करने के लिए उत्सुक है। आजाद-कथा - खंड 1 - 3 Munshi Premchand द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.7k Downloads 9.7k Views Writen by Munshi Premchand Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नवाब साहब के दरबार में दिनोंदिन आजाद का सम्मान बढ़ने लगा। यहाँ तक कि वह अक्सर खाना भी नवाब के साथ ही खाते। नौकरों को ताकीद कर दी गई कि आजाद का जो हुक्म हो, वह फौरन बजा लाएँ, जरा भी मीनमेख न करें। ज्यों-ज्यों आजाद के गुण नवाब पर खुलते जाते थे, और मुसाहबों की किर-किरी होती जाती थी। अभी लोगों ने अच्छे मिर्जा को दरबार से निकलवाया था, अब आजाद के पीछे पड़े। यह सिर्फ पहलवानी ही जानते हें, गदके और बिनवट के दो-चार हाथ कुछ सीख लिए हैं, बस, उसी पर अकड़ते फिरते हैं कि जो कुछ हूँ, बस, मैं ही हूँ। पढ़े-लिखे वाजिबी ही वाजिबी हैं, शायरी इन्हें नहीं आती, मजहबी मुआमिलों में बिलकुल कोरे हैं। Novels आजाद-कथा - खंड 1 मियाँ आजाद के बारे में, हम इतना ही जानते हैं कि वह आजाद थे। उनके खानदान का पता नहीं, गाँव-घर का पता नहीं खयाल आजाद, रंग-ढंग आजाद, लिबास आजाद दिल आजाद... More Likes This Second Chance - 1 द्वारा wang pang माई डियर प्रोफेसर - भाग 21 द्वारा Vartika reena The Billionaire Werewolf's Obsession - 1 द्वारा Sipra Mohanty मेरा बच्चा... लौटा दो... द्वारा Wajid Husain प्रेम शाश्वतं, मृत्यु शाश्वतः - प्रलोग द्वारा Vartika reena Hero - 1 द्वारा Ram Make I am curse not Villainess - 1 द्वारा Sukh Preet अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी